हेल्पलाइन के माध्यम से धुर नक्सल क्षेत्र में फंसे मजदूरों को मिला राशन

हेल्पलाइन के माध्यम से धुर नक्सल क्षेत्र में फंसे मजदूरों को मिला राशन

SunStarAdmin 31-03-2020

अनीश राजपूत,

बालोद : पूरे विश्व में कोरोना महामारी बीमारी के चलते भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर समूचे भारत सहित छत्तीसगढ़ में 21 मार्च से लॉक डाउन जारी है जिसके चलते कोई भी व्यक्ति एक जगह से दूसरी जगह नहीं जा पा रहा है सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी श्रमिक मजदूरों को हो गई है जो अपना घर बार छोड़कर अन्य जिलों में कार्यरत हैं।

 बालोद एवं राजनांदगांव जिले के श्रमिक मजदूरों का एक समूह कांकेर जिले के धुर नक्सल क्षेत्र ग्राम भैंस गांव में फंसे होने की जानकारी बालोद के वरिष्ठ पत्रकार सलीम चौहान को हुई जिसे सलीम चौहान ने तत्काल समस्त मजदूरों की सूची प्राप्त कर राज्य के श्रम विभाग के श्रम सचिव द्वारा जारी जिले के लिए हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर में इसकी जानकारी देकर बालोद कलेक्टर रानू साहू के निर्देश पर बालोद के लेबर ऑफिसर द्वारा इसका तत्काल निराकरण कर अपने विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की मदद से समस्त मजदूरों हेतु ग्राम भैंस गांव में राशन एवं दैनिक उपयोग की वस्तुएं पहुंचाई गई मजदूर अब राहत की सांस ले रहे हैं।

उनके पास खाने को एक दाना भी नहीं था और कहीं बाहर भी नहीं जा सकते थे सबसे खास बात यह है कि जैसे ही शिकायत की गई इसकी कार्रवाई तत्काल प्रभाव से बालोद कलेक्टर रानू साहू के निर्देशन में लेबर ऑफिसर संजय सिंह के द्वारा त्वरित इस दिशा में अन्य जिले के कलेक्टर एवं श्रम विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर महज 4 घंटे के भीतर धुर नक्सली क्षेत्र ग्राम भैंस गांव में मालवाहक से राशन पहुंचा दिया गया इस महामारी की वजह से आपात स्थिति से निपटने श्रम विभाग द्वारा श्रमिक हितों के लिए तत्काल सहायता पहुंचाने को श्रम सचिव सोनमणि बोरा की निगरानी में कार्य किया जा रहा है यह वाकई काबिले तारीफ है।

मजदूरों को जैसे ही राशन प्राप्त हुआ समस्त मजदूरों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई एवं सभी ने इस सहायता से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त किया।

संजय सिंह, श्रम पदाधिकारी : सलीम चौहान के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई जिसके बाद से कलेक्टर तक यह बात पहुंचाई गई दूसरे जिले के श्रम विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर उन तक राशन पहुंचाया जा सका है। 

जैसे ही मुझे इस बात की जानकारी मिली सबसे पहले सूची के सहित सभी मजदूरों का नाम पता एकत्र किया इसके बाद हेल्पलाइन के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई जिसके बाद जिला कलेक्टर एवं श्रम विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। 

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