कोरोना वायरस की आड़ में सोशल मीडिया का कर रहे दुरुपयोग, दुष्प्रचार करने वालों की पतासाजी कर होगी कार्यवाही

कोरोना वायरस की आड़ में सोशल मीडिया का कर रहे दुरुपयोग, दुष्प्रचार करने वालों की पतासाजी कर होगी कार्यवाही

SunStarAdmin 22-03-2020

अनीश राजपूत,

बालोद : कोरोना वायरस से जूझने के लिए भारत देश के साथ-साथ जहां सारे देश कोरोना जैसे महामारी से जूझने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं तथा भारत में ही शटडाउन की स्थिति निर्मित हो रही है। तो वही कुछ स्वहित में लगे लोग करोना वायरस की आड़ में ही भ्रामक जानकारी फैलाकर अपनी रोटी सेकने के साथ ही अपने व्यावसायिक प्रतिद्वंद्वियों अथवा उनके परिजनों कोरोना ग्रसित बताकर सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए भ्रामक जानकारी देकर कई परिवारों के सामने असहज स्थिति निर्मित कर रहे हैं। जबकि केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार, विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर स्थानीय जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन स्पष्ट तौर पर समझाइश दे रहे हैं कि भ्रामक जानकारी फैलाने वाले के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जा सकती है। बावजूद उसके कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए पुलिस कप्तान ने कमर कसने के साथ ही दुष्प्रचार करने वालों की पतासाजी चालू कर दी है, ताकि उनके ऊपर कानूनी कार्यवाही की जा सके।

केस क्रमांक-1

गत दिनों बालोद जिले के ग्राम अर्जुंदा में सोशल मीडिया के माध्यम से एक संभ्रांत परिवार को लेकर किसी ने सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए उसे संक्रमण ग्रसित बताने के साथ ही उनसे दूर रहने की अपील की, जिसकी गूंज राजधानी तक पहुंची। जिले से लेकर राजधानी तक हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई, परंतु जब इसकी पड़ताल की, तो पूरा मामला फिसड्डी निकला। कुछ लोगों ने व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उक्त परिवार की छवि धूमिल करने के लिए ऐसा दुष्प्रचार किया। इस मामले में जब तह तक जाकर समाचार का प्रकाशन किया, तो पूरा परिवार सच्चाई को सामने लाने के लिए आभार व्यक्त किया।

केस क्रमांक-2

छत्तीसगढ़ ही नहीं अन्य राज्यों में भी चर्म रोग विशेषज्ञ के नाम से ख्याति प्राप्त एक चिकित्सक जिनकी बेटी यूनाइटेड किंगडम लंदन में शिक्षा अध्ययन कर पिता की तरह छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करना चाह रही है। गत दिनों जब वह लंदन से वापस लौटी, तो पिता ने एक भारतीय नागरिक होने के नाते शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ऐतिहाद बरतते हुए इसकी सूचना स्वास्थ विभाग को दी। स्वास्थ विभाग ने नियमानुसार 14 दिन बच्ची का मेडिकल परीक्षण करने के उपरांत पूर्णतः स्वस्थ घोषित कर दिया। परंतु कुछ प्रतिद्वंदी इस बात का भी फायदा उठाकर उक्त परिवार में बच्ची के कोरोना संक्रमण से ग्रसित होने की बात का दुष्प्रचार करते हुए मरीजों से लेकर उनके कर्मचारियों तक उनसे दूर रहने की हिदायत देने लगे। स्वहित में लगे कुछ लोगों की इस हरकत के चलते ख्याति प्राप्त चिकित्सक अब यह सोचने के लिए मजबूर हैं कि उन्होंने सरकार के नियमों का पालन करते हुए अपनी बच्ची की आने की जानकारी देकर गलती तो नहीं की। हालांकि यह बात भी सच है कि इस तरह के दुष्प्रचार करने वालों के हथकंडो की उम्र लंबी नहीं होती। परंतु कुछ समय के लिए एक संभ्रांत परिवार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। इस मसले पर जब हमने उक्त चिकित्सक से कुछ जानकारी चाही तो उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पूर्णतः चुस्त-दुरुस्त है, जिसकी पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने भी की है। बाकी मुझे अन्य किसी भी विषय में कुछ नहीं कहना।

केस क्रमांक-3

बालोद जिले के ही ग्राम दूधली के एक युवक ने सोशल मीडिया में गलत जानकारी दी थी। कोरोना वायरस से संक्रमित जिले में एक युवती की पुष्टि हुई है। उक्त मैसेज सोशल मीडिया में वायरल होते ही जिले में हड़कंप की स्थिति मच गई। तो वही लोग पतासाजी करने के लिए जुट गए, कि आखिर मामला क्या है? हालांकि इस बात की जानकारी जैसे ही पुलिस कप्तान को लगी, तो उन्होंने तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी आर पोर्ते को आवश्यक दिशा निर्देश दिए और  तत्काल पुलिसिया कार्यवाही हेतु जब उक्त युवक को बुलवाया। युवक के साथ साथ उसके परिजनों के रुदन को देखकर उसे चेतावनी देकर छोड़ा गया। आश्चर्यजनक बात तो यह है कि एक ओर जहां जिम्मेदार लोग सोशल मीडिया में दुरुपयोग ना करने की बात कर रहे हैं। बावजूद उसके कुछ लोग कानून को अपने हाथों पर ले रहे हैं। ऐसी स्थिति में उन पर कड़ी कार्यवाही की मांग की जा रही है, ताकि इनकी हरकतों के चलते किसी प्रकार की असामान्य स्थिति उत्पन्न होने से बचा जा सके तथा किसी संभ्रांत परिवार को विषम परिस्थिति का सामना ना करना पड़े।

केस क्रमांक-4

राजधानी में भी इसी तरह लंदन से लौटे एक छात्रा में संक्रमण पाए जाने की जानकारी आते ही कुछ लोगों ने पूरे परिवार को संक्रमित बता दिया। जिसके चलते उक्त परिवार के समक्ष भी असहज स्थिति निर्मित हो गई। जबकि चिकित्सकों ने उनके परिजनों के संक्रमित ना होने की पुष्टि कर दी है। तो वहीं कुछ लोगों द्वारा तरह-तरह की बातें फैलाकर उक्त परिवार के समक्ष भी असहज स्थिति निर्मित कर दी थी। कुछ लोगों ने तो अध्ययनरत छात्रा की ही फोटो सोशल मीडिया में वायरल कर दी। परंतु इस मामले में सख्ती बरतते हुए पुलिस द्वारा अपराध भी पंजीबद्ध किया जा रहा है।

वर्शन- क्या कहते हैं जिम्मेदार

1.महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया

कोरोना वायरस के संक्रमण को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी अथक प्रयास कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में आम जनता से अपील करती हूं कि वे संयम बरते तथा सरकार के निर्देशानुसार कार्य करें। किसी भी कीमत पर सोशल मीडिया का दुरुपयोग ना करें। किसी की भावनाओं को आहत ना करें। अभी यह समय है कि सब एकजुट होकर इस महामारी से निपटने का प्रयास करें।

2.डीजीपी डीएम अवस्थी

कोरोना वायरस को लेकर पूर्णतः एतिहाद बरतनी चाहिए।किसी भी संक्रमण पीड़ित का फोटो वायरल करने अथवा भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी। मैं आम जनता से निवेदन करता हूं की कोरोना संक्रमण को हटाने के लिए विषम स्थिति निर्मित करने की बजाय साथ दें।

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