बालोद : दशौदी तालाब के जलेश्वर महादेव मन्दिर परिसर में चार दिवसीय महोत्सव की तैयारी पूरी

बालोद : दशौदी तालाब के जलेश्वर महादेव मन्दिर परिसर में चार दिवसीय महोत्सव की तैयारी पूरी

SunStarAdmin 27-02-2020

बालोद। शुक्रवार से नगर में भक्ति ,शक्ति व् आस्था का संगम होगा ।चार दिवसीय इस आयोजन के दौरान 3 करोड़ से अधिक मन्त्रो से आशुतोष को अर्पित की जाएगी, इस दौरान लगातार  पूजा अर्चना के कारण नगर के जलेश्वर महादेव महोत्सव में धर्म की गंगा  बहेगी।  नगर के गंजपारा स्थित दशौदी तालाब के जलेश्वर महादेव मन्दिर परिसर में जलेश्वर महोत्सव की तैयारी पूरी कर ली गई है। जलकुण्ड में अभिषेक के लिए पटरी बनाई गयी है। ओम नमः शिवाय मंत्र निधि अर्पण महोत्सव शुक्रवार  से शुरू होगा, जो 0 2   मार्च तक जारी रहेगा। इस दौरान भगवान महादेव का 01 मार्च  को 3 करोड़ से अधिक मंत्रों से अभिषेक किया जाएगा। इस महोत्सव के लिए कोलकता के नौ वैदिक पंडित वेद मंत्रों का उच्चारण  कर पूजा-अर्चना करेंगे। पंडितों की टीम गुरुवार   को बालोद पहुंच गई। शुक्रवार से श्रद्घालु जलेश्वर महादेव की पूजा अर्चना करेंगे। इसके साथ ही आकर्षक सजावट को भी लोग निहारेंगे, जहाँ पर पूजा अर्चना के साथ मंत्रो का उच्चारण करेंगे। इस कार्यक्रम का आठवा वर्ष होगा, जहाँ प्रतिदिन बड़ी सख्या में नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्घालु जुटते हैं।

रंगीन फौव्वारे व लाइट से सजा जलेश्वर

आयोजन की तैयारी में जलेश्वर महादेव के मुख्य द्वार के सामने महलनुमा पंडाल बनया गया है। इसे रंग बिरंगी शिल्क कपड़े व फूलों से सजाया गया हैं । वहीं पंडितों के बैठने के लिए जलेश्वर महादेव के समीप पानी के ऊपर खूबसूरत मंच का निर्माण किया गया है, जहां कोलकाता के 9 पंडितों द्वारा मंत्रो उच्चारण के साथ  पूजा-अर्चना किया जाएगा। दशोदी तालाब परिसर के सामने गेट बनाया गया जहाँ रंगबिरंगी लाईटे व दर्जनों फव्वारे एव झरना लगाई गई हैं।

2012 से मंत्रलेखन की शुरुआत

दसौंदी तालाब जलेश्वर महादेव मन्दिर में 4 जुलाई 2012 से मंत्र लेखन की शुरुआत हुई है, जो अब तक जारी है। 4 जुलाई 2012 से 27 फ़रवरी  2020 तक 30 करोड़ से अधिक  मंत्र लेखन का अंसभव प्रतीत होने वाला सुखद लक्ष्य सुखद आश्चर्य को विशाल लक्ष्य श्रद्घालुओं के उत्साह से पूरा हुआ हैं।सभी वर्ग अब तक यंहा मंत्रलेखन कार्य में अपनी सहभागिता दे रहे हैं। अब तक  आठवे अभिषेक के लिए 1 साल के भीतर 3 करोड़ से अधिक  मंत्र लेखन हो चूका है।

दसौंदी तालाब की विशेष ख्याति

उक्त जलेश्वर महादेव मंदिर तालाब की विशेष ख्याति रही है। सावन सोमवारी व महाशिवरात्रि पर इस मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। मा जी फाउंडेशन के जरिए इस मंदिर को लंबे समय से सहेजा जा रहा है। आज यह मंदिर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यज्ञदत्त शर्मा द्वारा इस शिवलिंग को अपने नगर पालिका के अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान विकसित किया गया था, जिसे लगातार पूजा-अर्चना के साथ विकसित किया जा रहा है। तालाब के बीचो-बीच बना जलकुंड उस पर विशाल शिवलिंग का नजारा लोगों को आकर्षित करता है। शिवलिंग पर 24 घंटे पानी के फव्वारे के साथ जलकुंड के चारों ओर पानी में तैरती हजारों मछलियों के इस नजारे को देखने के लिए रोजानादूर-दूर से लोग आते हैं। दसौंदी तालाब की एक पौराणिक मान्यता भी रही है कि यहां पानी के उपयोग से चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। प्राचीन समय में इसे खजरी तालाब भी कहा जाता था, आज भी इसकी मान्यता के चलते ग्रामीण क्षेत्र से खुजली से पीड़ित  लोग इस तालाब के पानी को लेने आते हैं।

महोत्सव में ये होंगे आयोजन

दशोदी तलाब स्थित जलेश्वर महादेव मंदिर के अध्यक्ष विनोद कौशिक व् मुरारीलाल चंदन ने बताया की 28 फ़रवरी शुक्रवार को मंगल शांति पाठ, गणेशाम्बिका पूजा,यज्ञदिक सकल्प,मंडप पूजन,का कार्यक्रम होगा,28 फ़रवरी से 01मार्च तक शांतिपाठ ,वेदियों की पूजा,महामंत्र पुस्तिका पूजन एव राजोपचार शिव सपरिवार पूजा होगी।जिसमे मंत्र लिखने वाले सभी परिवारो के सदस्यों  को पूजा अर्चना में शामिल होंगे।वहीँ 01 मार्च को ही मंत्र लेखन पुस्तिका को जलेश्वर महादेव के जलधरि में अर्पण किया जाएगा। 02 मार्च को प्रता पूजनादि सहित हवन ,उत्तरपुजन,पूर्णाहुति एवं दोपहर 01 बजे मनोरथ भोग तथा अमृतस्वरूप जल वितरण मंत्र लेखन में शामिल सभी भक्तों को दिया जाएगा।  महोत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम 7 बजे जलेश्वर महादेव की महाआरती की जाएगी जिसके बाद भक्तो को प्रसाद वितरण किया जाएगा।

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