गंगा रक्षा के लिए एक सौ दस दिन जीवित रहे स्वामी सानंद, जानिए

गंगा रक्षा के लिए एक सौ दस दिन जीवित रहे स्वामी सानंद, जानिए

हरिद्वार: गंगा रक्षा के लिए आंदोलन कर रहे स्वामी सानंद 110 दिनों से अन्न ग्रहण किए बगैर तप कर रहे हैं। वे इतने दिनों तक बिना कुछ खाए कैसे जीवित हैं इसको लेकर जब डॉक्टरों से बात की गर्इ तो उन्होंने कहा कि जबतक इंसान के शरीर में कैलोरी की जरूरत पूरी होती है तबतक वो बिना कुछ खाए सौ से अधिक दिन तक जिंदा रह सकता है। लंबे समय तक ऐसा करने से व्यक्ति का वजन कम होने के साथ ही बॉडी में कीटोन बढ़ने की समस्या पैदा हो जाती है।

दरअसल, स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उत्तराखंड की छह नदियों पर जल विद्युत परियोजनाओं के खिलाफ 110 दिनों से अनशन कर रहे हैं। जिसके बाद अब उन्होंने मंगलवार देर शाम से जल भी त्याग दिया है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर बिना अन्न ग्रहण किए कोर्इ 110 दिनों तक कैसे जिंदा रह सकता है।

इसी सवाल का जवाब जानने के लिए जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डा. संदीप टंडन से बातचीत की गर्इ। इस दौरान उन्होंने बताया कि एक सामान्य व्यक्ति को हर दिन 1400 से 1500 कैलोरी की जरूरत होती है, जो उम्र के साथ कम और ज्यादा भी हो सकती है। साथ ही उसके कार्य पर भी कैलोरी की खपत निर्भर करती है।

कर्इ बार हो चुका है सानंद का स्वास्थ्य परीक्षण

डॉ. संदीप बताते हैं कि एक ग्राम शुगर से साढ़े चार कैलोरी प्राप्त होती है। जबकि एक ग्राम वसा पदार्थ से नौ ग्राम कैलोरी मिलती है। यह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह किन पदार्थों का सेवन करता है। उनका कहना है कि वे खुद भी कर्इ बार मातृसदन में गंगा रक्षा को समर्पित स्वामी सानंद के स्वास्थ्य परीक्षण कर चुके हैं। उनका वजन घटने के कारण उनको ओरल फीड की सलाह दी जा चुकी है। साथ ही ईको टेस्ट भी कराया गया, जिसमें उनके हृदय की कार्यक्षमता में कमी पाई गई थी।

जल्द से जल्द अन्न ग्रहण करने की जरूरत

फिजीशियन संदीप का कहना है कि कि स्वामी सानंद को देश, समाज और खुद के हित में अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए डाक्टरों की सलाह पर अमल करना चाहिए।

लगातार घट रहा सानंद का वजन

वहीं, जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डा. आरती ढौंडियाल का कहना है जिला अस्पताल से नियमित रूप से टीम भेजकर सानंद की सेहत की जांच कराई जा रही है। वजन गिरने की वजह से डाक्टरों ने इलाज और अन्य परामर्श भी दिया है।

अधिक समय तक शहद और नींबू का सेवन भी ठीक नहीं

डॉ. बताते हैं कि शहद में स्टार्च होता है जोकि की शरीर में पोषक तत्व की पूर्ति करता है। व्यक्ति 40-45 दिन तक तो शहद, नमक, चीनी, नींबू और पानी के भरोसे रह सकता है, लेकिन उसके बाद उसे ज्यादा कमजोरी आ जाती है। उन्होंने कहा कि यह भी निर्भर करता है कि व्यक्ति इनमें से कितनी कैलोरी अपने कार्य से खर्च कर रहा है। लंबे समय तक किसी के लिए भी शहद, नींबू, पानी आदि लेने ठीक नहीं होता है। इसका शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है।

सरकार जल्द उठाए ठोस कदम

वहीं दूसरी ओर मातृ सदन के ब्रह्मचारी दयानंद का कहना है कि सरकार को गंगा बचाने के लिए ठोस कदम जल्द उठाने चाहिए। उन्होंने कहा स्वामी सानंद के तपस्या से सरकार चिंतित तो दिख रही है। मगर गंगा रक्षा को कोई कदम बढ़ाने को तैयार नहीं हो रही है।

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