यहां तैयार हुई देश की पहली फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स, वन और वन्य जीवों की सुरक्षा में करेगी निगरानी

यहां तैयार हुई देश की पहली फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स, वन और वन्य जीवों की सुरक्षा में करेगी निगरानी

हल्द्वानी: उत्तराखंड में देश के पहले फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स का गठन हुआ है. ड्रोन के माध्यम से वन्यजीवों, वनों और अवैध खनन पर कड़ी नजर रखने के लिए गठित की गई अधिकारियों की फोर्स को 'उत्तराखंड फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स' नाम दिया गया है. इसका अध्यक्ष वन विभाग के मुखिया प्रमुख मुख्य वन संरक्षक को बनाया गया है और IFS डॉ.पराग मधुकर धकाते को सदस्य सचिव बनाया गया है.

फोर्स के सदस्यों में निदेशक इन्फार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एजेंसी के अलावा आईएफएस सुरेंद्र मेहरा, पीके पात्रो और नितेशमणि त्रिपाठी शामिल हैं. गठित की गई ये फोर्स समय-समय पर निरीक्षण करने के साथ ही कई आवश्यक कदम उठाएगी. फोर्स के गठन के संबंध में विभाग प्रमुख जयराज ने आदेश भी जारी कर दिए हैं.

मुख्य वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डॉक्टर पराग मधुकर धकाते ने बताया कि वनों की सुरक्षा करना वन विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. इसके मद्देनजर फॉरेस्ट ड्रोन फोर्स का गठन किया गया है. ड्रोन से वनों की निगरानी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गयी हैं. इसमें वनकर्मियों को ड्रोन संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि वनों में संवेदनशील जगहों और दुर्गम क्षेत्रों में वनकर्मियों को गस्त में परेशानिया होती थी. इन जगहों पर ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी. पूरे प्रदेश में 11 ड्रोन के माध्यम से वनों की निगरानी की जाएगी.

गौरतलब है कि प्रदेश की 71 फीसदी वनों की सुरक्षा वन बीट अधिकारी, वन आरक्षी, वन दरोगा और रेंजर के हाथों में है. ऐसे में दुर्गम स्थानों पर वनों की सुरक्षा में काफी दिक्कत आती थी. ऐसे में ड्रोन फोर्स वनों की सुरक्षा के लिए काफी मददगार होगा.

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