सिरपुर में द्वितीय अंतरास्ट्रीय बौद्ध परिषद एवं सांस्कृतिक महोत्सव 9 और 10 फरवरी को

सिरपुर में द्वितीय अंतरास्ट्रीय बौद्ध परिषद एवं सांस्कृतिक महोत्सव 9 और 10 फरवरी को

रायपुर : ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर में द्वितीय अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन एवं संस्कृतिक कार्यक्रम 9 व 10 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। महोत्सव का आयोजन छत्तीसगढ़ भारत के विभिन्न हिस्सों में क्रियाशील समस्त बौद्ध अनुयायियों व नियमों के सहयोग से नागार्जुन फाउंडेशन शिरपुर द्वारा किया जा रहा है। इस विशाल समारोह में लगभग 500 से 800 प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षुओं तथा भारत के प्रत्येक राज्य तथा विदेशों से बौद्ध भिक्षुओं की शामिल होने और उनके द्वारा धम्मदेशना, विपश्यना पर परिचर्चा करने की आशा है।

देश विदेश से विशेष तौर पर पश्चिम एशियाई देशों के विद्वानों, धर्मानुयायियों, विद्याविद, समाज के प्रत्येक क्षेत्र विख्याताओं के साथ साथ मीडिया कर्मी शामिल होंगे। इस महोत्सव में बौद्ध धर्म पर सेमिनार, प्रस्तुतीकरण, धम्मा व्याख्यान, भव्य विरासतों पर वाद-विवाद, ध्यान सत्र, संगीत एवं सांस्कृतिक महोत्सव एवं फिल्म के चित्रों के प्रदर्शन आदि जैसे कार्यक्रम आयोजन का हिस्सा रहेंगे। इसमें 70 बुद्धि जीवियों द्वारा प्रस्तुति हेतु दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे। जिसमें 35 बुद्धिजीवियों को चुना गया है जो बौद्ध धर्म से संबंधित प्रस्तुति देंगे। इससे पहले भी एक ऐसी ही कार्यक्रम का आयोजन 2017 में किया गया था जिसमें बर्मा थाईलैंड, श्रीलंका, वियतनाम, सिंगापुर व अन्य कई देशों से अनुयायी ने अपने गौरवान्वित उपस्थिति दी थी।

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इस कार्यक्रम को आयोजित करने का उद्देश्य सिरपुर की बौद्ध विरासत का प्रचार प्रसार करना है जिससे पर्यटन के क्षेत्र में भी सिरपुर को प्रोत्साहन मिले।नागार्जुन फाउंडेशन ने बताया की यह गौरवशाली महोत्सव के भव्य और सफल आयोजन में देश के सभी राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रम को शामिल किए जाएंगे विशेषता के छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं लोकनृत्य को पूरे परंपरा के साथ मंच में प्रस्तुत किया जाएग, लोक नृत्य और लोकगीत के विविद रूपों जैसे कर्मा, कबीर पंथी, सुवा, गोंडवाना, राउतनाचा की आकर्षक प्रस्तुति दी जाएगी। भक्तगण मेले के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रम का लुफ्त उठाएंगे। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिषद एवं संस्कृति महोत्सव के आयोजन में होने वाले खर्च का वहन छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के भिक्षु अनुयायी स्वयं अपनी जमा पूंजी से ही करते हैं।कार्यक्रम में मुख्य अथिति के तौर पे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल , राज्य के सांस्कृतिक मंत्री, मंत्री सत्यनारायण शर्मा शामिल होंगे।


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