एसईसीएल कर्मी बनेंगे सुरक्षा गार्ड, देनी होगी परीक्षा

एसईसीएल कर्मी बनेंगे सुरक्षा गार्ड, देनी होगी परीक्षा

कोरबा। एसईसीएल में सुरक्षा कर्मियों की लंबे समय से कमी बनी हुई है। निजी सुरक्षा एजेंसी बंद होने के बाद कंपनी ने विभागीय कर्मियों को ही गार्ड बनाने की प्रक्रिया छह माह पहले शुरू की गई थी। अब फि जिकल टेस्ट में उत्तीर्ण होने के बाद कर्मियों से लिखित परीक्षा ली जाएगी। सफल होने पर ही कर्मियों को जी.ग्रेड में पदस्थ किया जाएगा।

एसईसीएल की खदान समेत अन्य क्षेत्र सुरक्षा के लिए विभागीय कर्मियों के अलावा सीआईएसएफ तथा निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से गार्ड तैनात किए गए थे। दो वर्ष पहले निजी सुरक्षा एजेंसी का काम खत्म होने के बाद स्थाई रूप से बंद कर दिया गया। सीआईएसएफ द्वारा सिर्फ बारूद स्थल एवं बेरियर में ही सेवाएं दी जाती है। विभागीय सुरक्षा कर्मी की संख्या कम होने की वजह से कंपनी को काफ ी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। इस समस्या से निपटने कंपनी ने पहले विभागीय कर्मियों को गार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। विभागीय कर्मियों से आवेदन मंगा कर प्रबंधन ने समस्त दस्तावेजों की जांच पड़ताल पूरी कर ली थी। इस बीच चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से प्रक्रिया रोक दी गई थी। अब इसे आगे बढ़ाते हुए प्रबंधन ने लिखित परीक्षा लेने का सर्कुलर जारी किया है और सभी कार्मिक प्रबंधक को सूची भेज दी है, ताकि संबंधित कर्मियों को परीक्षा की जानकारी व प्रवेश पत्र प्रदान किया जा सके। प्रबंधन ने इन कर्मियों का पहले फि जिकल टेस्ट लिया था और सफल होने पर लिखित परीक्षा ली जा रही है। गौरतलब है कि पूरे एसइसीएल से 1260 कर्मियों को सलेक्ट किया गया है। उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों को सुरक्षा कर्मी प्रशिक्षु के रुप में पदस्थ किया जाएगा।

कंपनी द्वारा गार्ड बनने वाले सभी कर्मियों को प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। 17 फरवरी को एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय में वसंत विहार कॉलोनी परिसर स्थित डीएवी स्कूल में लिखित परीक्षा होगी। सफल होने वाले कर्मियों को प्रशिक्षु गार्ड के रूप में पदस्थ किया जाएगा। एसईसीएल से जुड़े जानकारों का कहना है कि गार्ड में पहले भी विभागीय कर्मियों का चयन किया गया था। छह माह तक प्रशिक्षु के तौर पर काम करने के बाद कर्मियों को जी ग्रेड दिया जाना था, पर आज तक इन कर्मियों की प्रशिक्षण अवधि खत्म नहीं की गई और नही उन्हें जी ग्रेड प्रदान किया गया। इससे कर्मियों में असंतोष व्याप्त है, उनका कहना है कि इससे प्रमोशन समेत अन्य सुविधाएं भविष्य में लेने में दिक्कत होगी।


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