तीन मुख्य मांगों को लेकर पैतृक कारीगरों का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन

तीन मुख्य मांगों को लेकर पैतृक कारीगरों का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन

रायपुर : भारत में कुल 23 प्रतिशत जनसंख्या पैतृक कारीगरी से जुड़े हुए हैं। गावों में अल्प -संख्या में स्थापित इन पैतृक कारीगर वर्ग हिन्दू धर्म का अभिन्न अंग होने के बावजूद भी उक्त पैतृक कारीगर वर्ग हर स्तर में पिछड़ने के कारण वे अपना प्रति निधि चुन नहीं पाते हैं। वर्त्तमान में पैतृक कारीगर वर्ग घोर आर्थिक तंगी के कारण बद से बद्तर स्तिथि में पतन के कगार में हैं। यह पैतृक कारीगर व्यावसायिक व्यवस्था से वंचित है, जिससे की कुशल कारीगर होने के बावजूद भी वे बेरोजगार हैं।

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इसी विषय को सरकार की दृस्टि में लाने के लिए आर्टीजन वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन, नई दिल्ली द्वारा भारत के योजना आयोग को 2005 में कारीगर मंत्रालय गठन हेतु विस्तृत रिपोर्ट एवं सिफारिश पत्र केंद्र शासन को समर्पित किया गया था। आर्टीजन वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन एवं सहयोगी संगठन द्वारा वर्ष 2008 एवं 2014 में कार्यक्रम मंत्रालय का गठन हेतु जंतर मंतर नई दिल्ली में धरना प्रदर्शन भी किया था। वर्ष 2019 में संसदीय चुनाव के पहले कारीगर मंत्रालय गठन हेतु सभी वंशानुगत कारीगर समुदाय द्वारा एक दिवसीय धरना रहा हैं। यह धरना रायपुर के बूढ़ातालाब में कार्यकर्ताओं के मौजूदगी में जारी हैं। धरना प्रदर्शन के मुख्य मांगो में राष्ट्रीय व छत्तीसगढ़ आयोग का गठन, राष्ट्रीय कारीगर विकास बोर्ड का गठन व कारीगर मंत्रालय का गठन शामिल हैं। इसी विषय में आगे देश के कई अन्य जगहों में भी ऐसे ही प्रदर्शन होंगे।


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