अब एक कॉल पर ही होगी हर समस्या का निदान, जल्द ही देश में लागू होगा एक इमरजेंसी नंबर

अब एक कॉल पर ही होगी हर समस्या का निदान, जल्द ही देश में लागू होगा एक इमरजेंसी नंबर

लखनऊ : देश में अब लोगों को आपात स्थिति में मदद के लिए सिर्फ एक नंबर याद करना होगा. इमरजेंसी का वह नंबर डायल करते ही पीड़ित के पास पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस या फिर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ जैसी आपदा प्रबंधन वाली टीमें पहुंच जाएंगी. यूपी पुलिस के डायल 100 नंबर की सफलता को देखते हुए केन्द्र सरकार सभी राज्यों का एक ही कंट्रोल रूम नंबर करने जा रही है और इस पर ट्रायल होना भी शुरू हो गया है.

अमेरिका में इमरजेंसी नंबर 911 की तर्ज पर भारत में भी अब सरकार पूरे देश में एक ही नंबर लागू करने वाली है.यूपी पुलिस की डायल 100 सेवा की तकनीक को देखने के बाद केन्द्र सरकार ने पूरे देश में इमरजेंसी नंबर एक करने की योजना शुरू की है. इस योजना के तहत देश के किसी भी कोने से चाहे वह केरल हो, आसाम हो, मुंबई हो या फिर दिल्ली, कहीं से किसी को भी इमरजेंसी में मदद की जरूरत है तो बस वहीं इमरजेंसी के तीन नंबर डायल करने होंगे.

डीजीपी ओपी सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इन तीन नंबर को लगाने के बाद जिसको मदद की आवश्यक्ता है, उसके पास पुलिस, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, सब पहुंच जाएंगी. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में डायल 100 की तकनीक को देखने के बाद भारत सरकार ने पूरे देश में एक नंबर करने का निर्णय लिया है. बस यह नंबर 100 होगा या फिर 112 इस पर अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है.

इतना ही नहीं आने वाले वक्त में उत्तर प्रदेश पुलिस का डायल 100 भी नई तकनीक से लैस होगा. प्रदेश में अब जरूरी नहीं की हर घटना में एफआईआर दर्ज कराई जाए. पुलिस अब कॉल बेस्ड एक्शन भी लेगी. पर्स लूट, बाजार में सामान का खोना, बाइक चोरी होना ऐसे तमाम घटनाओं में डायल 100 को सूचना मिलने के बाद अब जरूरी नहीं होगा कि थाने जाकर पीड़ित एफआईआर भी कराए. ऐसी तमाम घटनाओं में 100 नंबर पर सूचना देते ही डायल 100 एफआईआर शुरू की गई है. उत्तर प्रदेश पुलिस में इसका गाजियाबाद में ट्रायल भी कर लिया है.

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