MerryChristmas: प्रभु यीशु ने लिया जन्म, खुशी का माहौल

MerryChristmas: प्रभु यीशु ने लिया जन्म, खुशी का माहौल

रांची : सोमवार की रात जैसे ही बारह बजे गिरजाघर की घंटियां बज उठी और कृत्रिम प्रकाश के साथ प्रभु यीशु मसीह के अवतरण का अहसास कराया गया. चर्च में प्रभु के समक्ष कैंडल जले, प्रार्थना हुई, पवित्र बाइबिल पढ़े गए और आतिशबाजी की गयी. साथ ही केक काट कर क्रिसमस का त्योहार मनाया गया.

चर्च के फादर के नेतृत्व में बच्चों ने कै-रोल सांग गाये. इसके बाद फादर ने बाइबिल पढ़कर सुनाया. साथ ही प्रभु यीशु मसीह के जन्म से जुड़े कथा पर प्रकाश डाला. ईसाई समुदाय के लोगों ने कतारबद्ध हो कर प्रभु से परिवार और संपूर्ण मानव जाति की खुशहाली की कामना की.

क्रिसमस प्रेम और शांति का प्रतीक

क्रिसमस सिर्फ ईसाइयों का त्योहार नहीं, बल्कि यह संपूर्ण विश्व के मानव जाति के प्रेम व सद्भावना का त्योहार है. क्रिसमस के दिन चर्च सभी के लिए खुलते हैं और सब की खुशहाली के लिए सामूहिक कामना की जाती है. दुनिया में आए लोगों को प्रभु यीशु मुक्ति दिलाए, यही क्रिसमस का संदेश है. प्रभु यीशु ने मानवता की सेवा को सबसे बड़ी सेवा बताया है. परमेश्वर के पुत्र ईसा मसीह का आगमन इस दुनिया में लोगों को पाप, बुराई के अंधकार से निकाल कर मानव जाति को प्रकाश की ओर ले जाने के लिए हुआ है.

क्रिसमस त्योहार प्रभु के पुत्र ईसा मसीह, जीसस क्राइस्ट या यीशु के धरती पर अवतरण की खुशी में मनाया जाता है. हर साल 25 दिसंबर को प्रभु-पुत्र ईसा मसीह का जन्मदिन हर्षोल्लास से मनाने की परंपरा है. क्रिसमस 12 दिनों तक चलने वाला उत्सव है.

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