झारसुगुड़ा में अवैध रूप से चल रहे एक गैस रिफिलिंग गोदाम में रेड

झारसुगुड़ा में अवैध रूप से चल रहे एक गैस रिफिलिंग गोदाम में रेड

झारसुगुड़ा : शहर में अवैध रूप से चल रहे एक गैस रिफिलिंग गोदाम में छापेमारी जिला आपूर्ति विभाग व पुलिस ने की है। इस दौरान दो आटो, 39 गैस सिलेंडर, वजन करनेवाली मशीन व एक सिलेंडर से गैस निकालकर दूसरे में भरनेवाले उपकरण व पाइप आदि को जब्त किया।

शहर के बीजू नगर चौक में स्थित इंडेन गैस एजेंसी से गैस सिलेंडर लेनेवाले उपभोक्ता सिलेंडर में गैस कम होने की लगातार शिकायत कर रहे थे। एजेंसी मालिक को भी समझ नहीं आ रहा था कि वे कैसे हो रहा है। उसने स्वयं इस संबंध में छानबीन शुरू की। सुबह जब एजेंसी के गोदाम से सिलेंडर लेकर दो आटो निकली तो एजेंसी के मालिक विनय अग्रवाल ने पीछा किया।

दोनों टेंपो वृंदावन कॉलोनी में एक घर के पास रुके और टेंपो से भरा सिलेंडर उतारकर उक्त घर में ले जा रहे थे। वहीं घर के अंदर घर के मालिक व इस अवैध रिफिलिंग का कार्य करनेवाले मानस पात्र भरे सिलेंडर से खाली सिलेंडर में गैस भर रहा था। मानस प्रत्येक टंकी से दो-तीन किलो गैस ही निकालता था। यह देखकर विनय ने आपूर्ति विभाग व पुलिस को सूचना दिया। घटनास्थल पर पहुंचकर पुलिस ने छापेमारी की तो अवैध गैस रिफिलिंग काम का पर्दाफाश हुआ। छापेमारी के दौरान ही मानस पात्र फरार हो गया।

यहां खड़ी टेंपो चालक नवकुमार पात्र ने पुलिस की पूछताछ में कहा कि मानस ने हमें डरा धमकाकर रखा था और इस तरह का काम करने के लिए भरा सिलेंडर लाने को कहता था। वह हमें प्रतिदिन इस काम के लिए दो-तीन सौ रुपये देता था। आरोपी मानस पात्र की बेहेरामाल दुर्गा मंदिर के पास एक दुकान भी है, जहां वह गैरकानूनी रूप से गैस बेचने का काम करता था। आपूर्ति विभाग ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


मगर आश्चर्य तो इस बात का है कि ना तो विभाग और ना ही पुलिस ने गोदाम सील किया है। मानस की गैस सप्लाई करनेवाली मारुती वैन को ही जब्त किया। वहीं मानस की दुकान को भी सील नहीं किया है जो चर्चा का विषय बन गया है। छापेमारी में विभाग के सीएसओ कीर्तन बेहेरा, एमआइ निहार महापात्र, दीप्तिलता बारिक, पुलिस के एसआइ पीके स्वाईं व अन्य पुलिस शामिल थे।

मामला दर्ज कर हो रही जांच

इस संबंध में आपूर्ति विभाग के सीएसओ ने बताया कि मामला दर्ज किया गया है और जांच किया जा रहा है। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में मामला दर्ज करेंगे।


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