छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से लोगो को काफी उम्मीद

छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से लोगो को काफी उम्मीद

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 8 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपनी सरकार का पहला बजट पेश करेंगे। प्रदेश के नए वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट को लेकर किसान, छात्रों, गृहणी सहित कारोबारियों को काफी उम्मीदें हैं इस बजट से ।

छत्तीसगढ़ के आने वाले बजट के बारे में सन स्टार टीवी की टीम ने अलग- अलग वर्गों के राय जाना की वो आने वाले इस बजट सत्र से क्या उम्मीद रखते हैं।

सराफा व्यापारी संगठन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू का कहना है कि सराफा व्यापारियों को साहूकारी लाइसेंस की आवश्यक्यता होती है , उन्होंने कहा की अगर सरकार बजट में साहूकारी लाइसेंस को बनाने के लिए ऑन लाइन प्रक्रिया प्रारम्भ कर दे, जिससे व्यापारियों को सरली करन होगी। वहीँ छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मदन लाल अग्रवाल का कहना है की सराफा मार्किट में सुरक्षा की मारामारी है , पुलिस की गश्त बढ़ानी चाहिये।

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सराफा छत्तीसगढ़ एसोसिएशन के ज्वाइन सेकेट्री तरुण कोचर का कहना है की सरकार को अपने बजट में व्यापारी के हित में ज्यादा से ज्यादा सोचना चाहिए। उन्होंने कहा की व्यापारियों की उन्नति के बारे सोचे सरकार।

छत्तीसगढ़ तृतीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राकेश साहू का कहना है की जिन मांगो को लेकर हम सब सड़क में उतरे थे , जिन मांगों को लेकर सत्ता परिवर्तन हुआ हैं। जो कर्मचारी योजनाओं को जन - जन तक पहुंचाते हैं उनके हित के लिए सरकार को बजट में सोचना चाहिए। उन्होंने कहा मंत्री, विधायक को एक दिन रहने से पेंशन लागू हो जाती है। लेकिन जो पुरानी पेंशन योजना के हकदार है उसे चालू होना चाहिए। वहीँ उन्होंने कहा की ज्यादा से ज्यादा काम कर रहे कर्मचारी को वेतन भी ज्यादा मिले क्योंकि आज भी दैनिक वेतन भोगी की आय साल में 2000 है ये बात शायद किसी को पता नहीं होगा।

डॉ. सुषमा कोचर का कहना है की मेडिकल के फिल्ड में इम्प्रूवमेंट हो। ज्यादा से ज्यादा गरीब लोगों को काम से काम दाम में दवाई उपलब्ध हो। उन्होंने कहा की शिक्षा के क्षेत्र में भी अच्छा काम करें।

एडवोकेट पायल का कहना है की सरकार ने अपनी घोषणा में जो भी वादे किये हैं उसे वो सब बजट में शामिल करें। उन्होंने कहा की महिलाओं के लिए

जमीन से जुड़े जो भी छूट हैं जिसमें 10 प्रतिशत छूट देने की बात कही थी उसे लागू करे।

यूथ का कहना है की सरकार अपने मेनोफेस्टो में जो भी बाते कहे हैं वो सब बाते पूरी हो जैसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने मोनो में नरवा , गरवा , घुरवा और बारी की बात कहीं है उसे पूरा करे। बेरोजगार युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार दे।

सीनियर सिटीजन ने कहा की मेडिकल में ज्यादा से ज्यादा छूट मिले। और डेली रूटीन की जो चीजे हैं उनका रेट काम हो। नवाचारी और औषधीय फसलों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, तभी आय बढ़ेगी।

कृषि विशेषज्ञ कहते हैं कि कृषि की लागत को महसूस करके उत्पादन और लाभ को बढ़ाने वाले बजट की जरूरत है। फसलों के मूल्य का सही आकलन तभी होगा, जब बेहतर मार्केटिंग और प्रोसेसिंग की व्यवस्था हो। सरकार पंचवर्षीय ठोस योजना लाए। सिर्फ नरवा, गरवा, घुरवा, बारी...की जुमलेबाजी से प्रदेश का विकास नहीं होगा। किसानों को मिल रही योजना की सही तरह से निगरानी होनी चाहिए। अधिकारी के भरोसे योजना नहीं चल सकती है। अनुदान की मौजूदा व्यवस्था को बदलने की दरकार है।

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