पढ़े- लिखे यात्री ताैलिया,चादरें, तकिया तक चुरा ले गए,रेलवे काे लगा 4000 कराेड़ का चूना

पढ़े- लिखे यात्री ताैलिया,चादरें, तकिया तक चुरा ले गए,रेलवे काे लगा 4000 कराेड़ का चूना

संदीप ठाकुर

नई दिल्ली। ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियाें ने महज एक साल में पश्चिमी रेलवे काे 4000 कराेड़ का नुकसान करा दिया। रेलवे काे यह नुकसान चाेरी से हुआ है। दरअसल यात्रीगण ताैलिया,चादरें,तकिया,टॉइलट मग आदि चुरा

ले गए। कंबल, तकिए आदि एसी कंपार्टमेंट में उच्‍च श्रेणी के यात्रियों को ही प्रदान किए जाते हैं आैर इस श्रेणी में पढ़े लिखे लाेग ही यात्रा करते हैं। गाैरतलब यह है कि यह आंकड़ा सिर्फ पश्चिम रेलवे का है। देश के अन्‍य
16 रेलवे जोन में यात्रियाें द्वारा चुरा कर ले जाई गई सामग्रियाें की जांच की जाए ताे ये आंकड़े इससे भी भयावह हो सकते हैं।



पश्चिम रेलवे द्वारा जारी किए गए आंकड़ाें के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष

में 1.95 लाख तौलिये लंबी दूरी की ट्रेनों से चुरा ली गईं। यही नहीं, 81,736 चादरें, 55,573 तकिया के कवर, 5,038 तकिया और 7,043 कंबल भी चुराए जा चुके हैं। इनके अलावा 200 टॉइलट मग, 1000 टैप और 300 से ज्यादा फ्लश
पाइप भी चिरा लिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल से सितंबर 2018 के यानी महज पांच महीने के बीच 79,350 तौलिये, 27,545 चादरें, 21,050 तकिया के कवर, 2,150 तकिया और 2,065 कंबल चुराए गए जिनकी कुल कीमत
लगभग 62 लाख रुपए आंकी गई है। बताया गया है कि हर बेडशीट की कीमत 132 रुपए, तौलिया की 22 रुपए और तकिया की 25 रुपए होती है।

गौरतलब है कि चादर और दूसरी ऐसी चीजों का नुकसान कोच अटेंडेंट को भरना पड़ता है जबकि बाथरूम

के सामान की भरपाई रेलवे को करनी होती है। बताया जा रहा है कि पिछले 3 वित्तीय वर्षों में भारतीय रेलवे को 4000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है जिनमें बड़ी मात्रा चोरी की वजह से हुए नुकसान की है। चोरियों को शर्मनाक
बढ़ती वारदाताें काे देखते हुए कुछ ट्रेनों में ट्रायल बेसिस पर डिस्पोजबल तौलिया और तकिया के कवर देने शुरु किए गए हैं।

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