इस बात पर लड़की को डांटता था क्लास टीचर, सुसाइड से पहले लिखा- लॉर्ड कृष्णा आई एम कमिंग

इस बात पर लड़की को डांटता था क्लास टीचर, सुसाइड से पहले लिखा- लॉर्ड कृष्णा आई एम कमिंग

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को कहा कि अपने साइंस के टीचर द्वारा लगातार अपमानित करने व फटकार लागाए जाने से तंग आकर क्लास सात की एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। डेजी राठौर (12) ने एक दिसंबर को अपने घर में पंखे से लटकर आत्महत्या कर ली। डेजी ने उसका उत्पीड़न करने वाले टीचर का नाम अपनी हथेली व हाथ पर लिखा है और और अपने फांसी पर लटकने का कारण भी बताया है।

हथेली पर लिखा मिला- लार्ड कृष्णा आई एम कमिंग

ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर मधूप तिवारी ने कहा, "हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और पीड़ित के दोस्तों व सहपाठियों के बयान रिकॉर्ड कर रहे हैं। हम दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।" उन्होंने कहा, "लड़की ने हथेली व हाथों पर लिखा है कि वह अब स्कूल नहीं जाना चाहती थी। उसने अपनी मां व दादी से माफी मांगी है। साथ ही यह भी लिखा है कि भगवान कृष्णा आई एम कमिंग"।

घर लौटी मां को मिली बेटी की लाश

लड़की को आखिरी बार उसकी मां कमल राठौर ने तीस हजारी कोर्ट जाने से पहले देखा था। कमल कोर्ट में वकील हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि लड़की की मां जब करीब 4 बजे अदालत से घर लौटीं तो अपनी बेटी का मृत शरीर पाया। एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है।

इंदरपुरी की रहने वाली लड़की ने अपने साइंस टीचर के खिलाफ लगातार अपमानित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, "मेरी बेटी की शिकायत है कि वही शिक्षक हर रोज उसे फटकार लगाता था। इसी शिक्षक ने शुक्रवार को बॉयोलाजी लैब में उसकी क्लासटीचर की मौजूदगी में दस मिनट तक उसे अपमानित किया व डांट लगाई।"

टीचर की डांट पर बाथरूम में रोई थी लड़की

कमल राठौर ने कहा, "इस घटना के बाद वह स्कूल के बॉथरूम में जाकर रोई थी।"उन्होंने कहा, "वह मुझ पर स्कूल बदलने के लिए जोर दे रही थी, लेकिन मैं स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ सकी। मुझे यह एहसास नहीं हुआ कि यह कितना भयावह हो सकता है और वह आत्महत्या कर लेगी।"

पत्रकारों के सामने रो पड़ी लड़की की मां

लड़की की मां ने कहा, "उसका (डेजी) विज्ञान शिक्षक बेकार की बातों पर उसे अक्सर फटकार लगाता था।"लड़की की मां गुरुवार को इस घटना का विवरण देते हुए पत्रकारों के सामने रो पड़ी।

कमल राठौर के पति आठ साल पहले गुजर चुके हैं। स्कूल प्रबंधन ने घटना की जांच के लिए एक आंतरिक समिति बनाई है, जो दिल्ली पुलिस को इस मामले की रिपोर्ट सौंपेगी।

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