सरकार की उपलब्धिया गिनने में केंद्र सरकार ने खर्च किये 5200 करोड़ रुपए, हर साल बढ़ती ही गई बजट

सरकार की उपलब्धिया गिनने में केंद्र सरकार ने खर्च किये 5200 करोड़ रुपए, हर साल बढ़ती ही गई बजट

नई दिल्ली । मोदी सरकार ने प्रचार पर 5 हजार 2 सौ करोड़ से ज्यादा रुपए खर्च किए हैं। यह बात खुद सरकार ने मानी है। यह रकम इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और अन्य माध्यमों पर प्रचार के लिए खर्च की गई। इसकी जानकारी लोकसभा में दी गई। इसकी सूचना सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय के राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने दी। इतना ही नहीं सरकार साल दर साल प्रचार पर खर्च होने वाली राशि को बढ़ाती ही गई। सरकार की तरफ से प्रचार के लिए खर्च किए गए 5200 करोड़ में 2,282 करोड़ रुपए प्रिंट माध्यम पर खर्च किए गए। वही, 2,312.59 करोड़ रुपए पब्लिसिटी के लिए ऑडियो विजुअल माध्यम पर खर्च हुए।


इतना ही नहीं सरकार ने आउटडोर प्रचार पर भी 651.14 करोड़ रुपए खर्च किए। यह जानकारी भी लोकसभा में राज्यवर्धन सिंह राठौर ने ही दी। लोकसभा में एक सवाल के जबाव में लिखित तौर पर राज्यवर्धन सिंह राठौर ने बताया कि, सरकार के कार्यकाल शुरू होने के समय 2014-15 में 979.78 करोड़ रुपए खर्च हुए।

अगले साल यानी कि 2015-16 में सरकार ने पैसा बढ़ाते हुए 1,160.16 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। सरकार ने तीसरे साल 2016-17 में एडवर्टीजमेंट पर 1,264.26 करोड़ रुपए उपलब्धियां गिनाने में खर्च कर दिए। इसके बाद 2017-18 में मोदी सरकार ने 1,313.57 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। वहीं सरकार ने कार्यकाल के पांचवे साल 2018-19 में 7 दिसंबर तक 527.96 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। बता दें कि, बीते माह नवंबर में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल भी बीजपी के सबसे ज्यादा देखे गए ऐड की रिपोर्ट लाया था।

आंकड़ों के मुताबिक, 16 नवंबर को खत्म हुए सप्ताह में विमल को पीछे छोड़ते हुए भाजपा पहले पायदान पर काबिज हो गई थी। जबकि बीजेपी की प्रतिद्वंदी कांग्रेस टॉप 10 में भी नहीं थी। दरअसल, पांच राज्यों में चुनाव को लेकर भाजपा जबरदस्त प्रचार करा रही थी। इस दौरान ही टीवी चैनलों पर विज्ञापन देने के मामले में बीजेपी ने नेटफ्लिक्स औऱ ट्रिवागो को भी पीछे छोड़ दिया था। भाजपा से पहले पहले सबसे ज्यादा देखा जाने वाला प्रचार विमल पान मसाला का था।


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