एयरपोर्ट में एंट्री के लिए चेहरा ही बनेगा यात्रियाें की पहचान

एयरपोर्ट में एंट्री के लिए चेहरा ही बनेगा यात्रियाें की पहचान

संदीप ठाकुर

नई दिल्ली। दुनिया के कई देशों के तरह चंद महीनाें बाद भारत में भी आप अपना चेहरा दिखा कर एयरपोर्ट पर एंट्री ले सकेंगे। ये ठीक उसी तहर से होगा जैसा आज कल स्मार्टफोन में फेस रिक्गनिशन फीचर होता है जिसमें चेहरा

दिखा कर फोन अनलॉक किया जा सकता है। इस व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद टिकट की हार्ड या शॉफ्ट काॅपी की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए पहले यात्री काे अपने चेहरे की सैंपल स्क्रिनिंग करानी होगी। एयरपोर्ट के एंट्री,
चेक-इन और विमान में सवार होने के दौरान चेकिंग सिर्फ फेशियल रिकग्निशन व्यवस्था से होगी । एेसा समझा जा रहा है कि इस प्रणाली से हवाईअड्डे पर लोगों को लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा और सुरक्षाकर्मियों की संख्या
में भी कमी लाई जाएगी, जिससे हवाई किरायों में भी कमी आ सकती है।



डिजी यात्रा' नाम के शुरु हाेने वाली यह व्यवस्था सबसे पहले वाराणसी, विजयवाड़ा, पुणे और कोलकाता एयरपाेर्ट पर शुरु हाेगी। इसके बाद दिल्ली,

मुंबई, हैदराबाद और बंगलूरू के एयरपोर्ट पर भी यह अति आधुनिक व्यवस्था लागू की जाएगी। डिजियात्रा के लिए यात्रियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद भी पुराना सिस्टम जारी रहेगा।

अभी ये सिर्फ घरेलू यात्रियों के लिए ही शुरू किया जा रहा है। शुरुआत में यह एक स्वैच्छिक व्यवस्था होगी। यानी जो लोग चाहेंगे वह अपनी सुविधा के लिए इसका फायदा उठा सकेंगे। बाद में इसे अनिवार्य बनाने पर विचार किया

जाएगा। मार्च 2019 से यह सुविधा शुरू हो सकती है। फेशि‍यल रिकग्निशन बायोमेट्रिक सॉफ्टवेयर पर आधारित पहचान की ऐसी व्यवस्था है जो किसी व्यक्ति के चेहरे की विशेषता का गणितीय रूप से
मैपिंग करता है और इसे फेसप्रिंट के रूप में स्टोर रखता है। जरूरत पड़ने पर यह लाइव चेहरे या किसी डिजिटल इमेज से इस फेस प्रिंट की मिलान कर सकता है।


एयरपोर्टों पर फेशल रिकग्शिनश की आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से हवाई

यात्रा पेपरलेस और बाधारहित हो जाएगी। सिविल एविएशन मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक यात्रासे पूर्व एयरलाइन कंपनियों को यात्रियों के आंकड़े संबंधित एयरपोर्ट से साझा करने होंगे, जहां से यात्री उड़ान भरने
वाला है। इसके बाद इस विशेष पहचान के माध्यम से पहली बार यात्रा करने पर एक बार सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के सफल रहने के बाद चेहरा पहचानने का बायोमीट्रिक डेटा डिजि यात्रा आईडी के साथ जुड़ जाएगा और बाद की यात्राओं के लिए यह बाधा रहित सुविधा यात्रियों को मिल जाएगी।

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