मसूद को बचाने की वजह से चाइनीज माल पर बैन की मांग, क्या अब घुटने टेकेगा चीन?

मसूद को बचाने की वजह से चाइनीज माल पर बैन की मांग, क्या अब घुटने टेकेगा चीन?

नई दिल्ली: जैश के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने पर चीन ने रोक लगा दी है. जिसके बाद लोग चीन का कड़ा विरोध कर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. लोगों ने चीन और चीनी सामान का विरोध करना शुरू कर दिया है. इसके चलते सोशल मीडिया पर #BoycottChina ट्रेंड कर रहा है.

लोगों के बीच चीन को लेकर इतना गुस्सा है कि कई लोगों ने IPL न देखने की भी अपील की है क्योंकि इस बार कई चीनी कंपनियां IPL की प्रायोजक हैं. वहीं, कई लोगों ने टिकटॉक, लाइक, हेलो, शेयरइट और पबजी जैसे कई चीनी ऐप को भी अनइंस्टॉल कर देने की बात कही.

एक ट्विटर यूजर ने लिखा, 'चीनी सामानों की खरीद बंद करें. तीन सीधे तौर पर आतंकवाद और पाकिस्तान का सर्मथन कर रहा है.' उन्होंने लिखा की मैं आज से कोई भी चीनी सामान नहीं खरीदूंगा.

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, 'अब समय आ गया है कि हम ज्यादा से ज्यादा चीनी सामानों का बहिष्कार करें.'

एक और ट्विटर यूजर ने चीन का विरोध करते हुए लिखा कि भारत को जापान से सीख लेनी चाहिए. इस पोस्ट को उन्होंने #BoycottChina और #BoycottChineseProducts के कैप्शन के साथ शेयर किया.

बता दें, चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने वाले प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगा दी. गौरतलब है कि बीते 10 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने का यह चौथा प्रस्ताव था.

गौरतलब है, 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन ने ली थी. इस हमले में भारत के CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे.

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