ऐक्शन में सीबीआई निदेशक, पिछले तबादले रद, नए शुरु, मामला फिर से काेर्ट में

ऐक्शन में सीबीआई निदेशक, पिछले तबादले रद, नए शुरु, मामला फिर से काेर्ट में

संदीप ठाकुर

नई दिल्ली । सुप्रीम काेर्ट के आदेश पर 77 दिन बाद कार्यभार संभालते ही सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ऐक्शन मोड में आ गए हैं। वे कार्यवाहक निदेशक के फैसलाें काे रद्द नए फैसले लेने लगे हैं। इसके तहत उन्हाेंने कई अधिकारियाें के तबादले के आदेश जारी कर दिए हैं। वैसे काेर्ट ने निदेशक द्वारा नीतिगत फैसले लेने पर राेक लगा दी है। क्या तबादले नीतिगत फैसलाें के तहत आते हैं ? अधिकारियाें के एक वर्ग का मानना है कि ट्रांसफर पाेस्टिंग नीतिगत फैसले का हिस्सा है,जबकि अधिकारियाें के एक दूसरे वर्ग का मानना है कि ट्रंसफर पाेस्टिंग रूटीन वर्क है। खैर,यह विवाद का मुद्दा हाे सकता है लेकिन सीबीआई चीफ एक्शन में आ चुके हैं। उधर सीबीआई का एक अधिकारी वर्मा के ट्रांसफर आदेश के खिलाफ दिल्ली हाई काेर्ट पहुंच गया है। मामले पर सुनवाई हाेनी चाहिए या नही इस पर सुनवाई कल यानी 11 जनवरी काे हाेगी।

गुरुवार को सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार अधिकारियों के तबादले के आदेश को पलटने के वर्मा के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गए। याचिका जस्टिस नजमी वजीरी के समक्ष शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की संभावना है। उन्होंने सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना, कुमार और बिचौलिए मनोज प्रसाद की विभिन्न याचिकाओं पर पहले ही सुनवाई पूरी करके अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इन लोगों ने याचिकाओं में अपने खिलाफ प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग की थी। कुमार ने लंबित याचिका में दायर अपने आवेदन में सीबीआई को यह निर्देश देने की मांग की है कि वह आलोक वर्मा और फिर से स्थानांतरित किए गए अधिकारियों को किसी भी

तरीके से उनके और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी पर विचार नहीं करने दे।

सीबीआई के अंदरुनी सूत्रों ने बताया कि आज यानी गुरुवार को संयुक्त निदेशक अजय भटनागर, डीआईजी एमके सिन्हा, डीआईजी तरुण गाबा, संयुक्त निदेशक मुरुगेसन और एडिशनल डायरेक्टर ए.के शर्मा का ट्रांसफर कर दिया है। सूत्रों ने बताया है कि अनीष प्रसाद डेप्युटी डायरेक्टर (ऐडमिनिस्ट्रेशन), सीबीआई मुख्यालय बने हुए हैं। वहीं, के.आर चौरसिया स्पेशल यूनिट-1 को लीड करेंगे, जिसके पास सर्विलांस का जिम्मा होता है। मालूम हाे कि एक दिन पहले बुधवार को कार्यभार संभालते ही आलोक वर्मा ने तत्कालीन चीफ एम नागेश्वर राव द्वारा किए गए लगभग सभी तबादलों को रद करने का आदेश दिया था।

गौरतलब है कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को 23 अक्टूबर 2018 की देर रात केंद्र सरकार ने एक आदेश के जरिए जबरन छुट्टी पर भेज दिया था। 1986 बैच के ओडिशा काडर के आईपीएस अधिकारी नागेश्वर राव को 23 अक्टूबर, 2018 को देर रात सीबीआई निदेशक के दायित्व और कार्य सौंपे गए थे। अधिकारियों के अनुसार पद संभालने के बाद अगली सुबह राव ने बड़े पैमाने पर तबादले किए थे। उनमें अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच करने वाले अधिकारी जैसे डीएसपी एके बस्सी, डीआईजी एमके सिन्हा, संयुक्त निदेशक एके शर्मा भी शामिल थे। अब काेर्ट के आदेश के बाद वर्मा फिर से निदेशक के पद पर जा बैठे हैं । वो 31 जनवरी काे रिटायर हाेने वाले हैं।

Share it
Top