बीजेपी सांसद प्रभात झा ने राहुल गांधी पर कसा तंज बोले , राहुल आर्थिक आरक्षण बिल पर बोलने की हिम्मत दिखाएं

बीजेपी सांसद प्रभात झा ने राहुल गांधी पर कसा तंज बोले , राहुल आर्थिक आरक्षण बिल पर बोलने की हिम्मत दिखाएं

नई दिल्ली। राज्यसभा में आर्थिक आरक्षण बिल पर चर्चा की शुरुआत करते हुए बीजेपी सांसद प्रभात झा ने कहा कि लंबे समय से आर्थिक आधार पर आरक्षण बिल का इंतजार था. PM मोदी ने अगड़े समाज की चिंता की. मोदी सरकार सारे काम गरीबों के हित में कर रही है. मोदी सरकार ने राष्ट्रहित में फैसला लिया.

गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण संबंधी बिल पर बोलते हुए बीजेपी सांसद प्रभात झा ने राज्यसभा में कहा कि कि राहुल गांधी आर्थिक आरक्षण बिल पर बोलने की हिम्मत दिखाएं. इस पर कांग्रेस नेता आनंद नेता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी भी सदस्य को ऐसे किसी दूसरे सदस्य पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए जोकि इस सदन का सदस्य नहीं हैं. राहुल गांधी लोकसभा सांसद हैं.

पहले इस बिल पर चर्चा के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित किया गया था लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर घंटे कर दिया गया. हालांकि आज राज्‍यसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा किया. दरअसल विपक्ष नागरिकता मामले पर नार्थ ईस्ट में हो रहे बवाल पर सरकार से जवाब मांग रहा था. इस कारण सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी और उसके बाद दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई

आज सदन की कार्यवाही में ट्रिपल तलाक़ बिल को भी सूचीबद्ध किया गया है. इस कारण सरकार आज राज्यसभा में ट्रिपल तलाक़ बिल को भी पास कराने की कोशिश करेगी. वैसे इसके पास होने के आसार नहीं हैं, क्योंकि विपक्ष इसको संयुक्त सेलेक्ट कमेटी में भेजने पर अड़ा हुआ है. यानी ये बिल राज्‍यसभा में दूसरी बार अटक सकता है. संभवतया इसलिए ही संसदीय कार्यमंत्री विजय गोयल ने कहा कि कई अहम बिल सदन में पास होने के लिए लंबित हैं. इसलिए सदन की कार्यवाही एक दिन के लिए और बढ़ाई जा सकती है. इस बीच अन्नाद्रमुक ने कहा है कि वह आरक्षण बिल पर वाकआउट करेगी. AIADMK के राज्यसभा में 13 सांसद हैं.

आर्थिक आरक्षण बिल (124वां संविधान संशोधन विधेयक)

राज्यसभा में विपक्ष की तरफ से कांग्रेस, सपा और बसपा ने आरक्षण बिल को समर्थन देने का ऐलान किया है. कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक में इस बिल को समर्थन देने का फैसला किया गया है. राज्यसभा में कांग्रेस के 50 सांसद हैं. इस लिहाज से देखा जाए तो बीजेपी के नेतृत्‍व वाले NDA और कांग्रेस के सांसदों को मिलाकर देखें तो ये बिल दो तिहाई बहुमत से आसानी से पास हो जाएगा. इससे पहले मंगलवार को लोकसभा में मौजूद 326 सांसदों में से 323 ने बिल के समर्थन में वोट दिए, जबकि 3 ने इस विधेयक के विरोध में वोट दिए, इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे.

विपक्षी पार्टियों ने अपने सभी सदस्यों से बुधवार को राज्यसभा में मौजूद रहने के लिए कहा

सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि विपक्षी पार्टियों ने अपने सभी सदस्यों से बुधवार को राज्यसभा में मौजूद रहने के लिए कहा है. राज्यसभा में सरकार के पास बहुमत नहीं है. मंगलवार (08 जनवरी) को लोकसभा में पेश किए गए आरक्षण विधेयक का लगभग सभी पार्टियों ने समर्थन किया, लेकिन राज्यसभा में विपक्षी पार्टियां इस पर कड़ा रुख अपना सकती हैं. राज्यसभा में बीजेपी के पास सबसे अधिक 73 सदस्य हैं, जबकि मुख्य विपक्षी कांग्रेस के 50 सदस्य हैं. राज्यसभा में अभी सदस्यों की कुल संख्या 244 है.

सूत्रों ने यह भी बताया कि विपक्षी पार्टियों के नेता राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ाने के सरकार के ''एकतरफा'' कदम का भी विरोध कर रहे हैं और वे सदन में विरोध प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने बताया कि कांग्रेस इस विधेयक का समर्थन कर सकती है, जबकि विपक्षी पार्टियां इसे पारित करने में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं.


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