वायुसेना दिवस : 25 सेकंड का करतब, 365 दिनाें की मेहनत

वायुसेना दिवस : 25 सेकंड का करतब, 365 दिनाें की मेहनत

संदीप ठाकुर,

नई दिल्ली । भारतीय वायुसेना ने अपने 86 वें स्थापना दिवस पर आज शक्ति एवं शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया जवानों ने आसमान में अपनी जाबांजी के करतब दिखाए। गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस में भव्य परेड का आयोजन हुआ.। एयरफोर्स चीफ बीएस धन्वा ने हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर परेड की सलामी ली। इस खास मौके का गवाह बनने के लिए सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी पहुंचे थे। एयरफोर्स डे पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित देश की तमाम राजनीतिक व अन्य हस्तियों ने वायुसेना को शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियाें ने ट्वीट किया कि हम भारतीय वायु सेना के अपने योद्धाओं, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का गर्वपूर्वक सम्मान करते हैं।

वायुसेना दिवस के उपलक्ष्य पर आसमान में अचंभित कर देने वाले करतब दिखाती एयरफोर्स की टीम भले ही हमारी नजराें के सामने से मात्र 25 सेकंड में ही आेझल हाे गई लेकिन इस 25 सेकंड की जादुई परफॉर्मेंस के पीछे जवानाें की एक साल की अथक मेहनत हाेती है। एयरफोर्स की सूर्यकिरण टीम और सारंग टीम ने एयरफोर्स डे सेलिब्रेशन में ऐसे करतब दिखाए कि देखने वालों की सांसें उपर की उपर आैर नीचे की नीचे रह गई।

सारंग टीम का हिस्सा स्क्वॉर्डन लीडर स्नेहा कुलकर्णी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सारंग का मतलब होता है मोर। एयरक्राफ्ट का रंग भी सारंग की तरह ही है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया की इकलौती 4 हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम हैं। यह टीम मॉरिशस इंडिपेंडेंस डे सेलिब्रेशन का हिस्सा बन अपने करतब दिखाने वहां भी गई थी। स्नेहा के मुताबिक इस 25 सेकंड के लिए पूरे साल अभ्यास करना पड़ता है।




इंडियन एयरफोर्स की 9 एयरक्राफ्ट एरोबेटिक टीम सूर्यकिरण के विंग कमांडर वी.टी. शेलके के मुताबिक परफॉर्मेंस तो 25 सेकंड के लिए दिखता है लेकिन हमारा पूरा डिस्प्ले 25 मिनट का है। ट्रेनिंग पीरियड करीब एक साल का होता है। पहले एक एयरक्राफ्ट, फिर दो एयरक्राफ्ट, फिर चार, फिर छह और फिर ९ एयरक्राफ्ट के साथ ट्रेनिंग होती है।' वह कहते हैं कि डर प्रैक्टिस से ही बाहर निकलता है। पूरा ध्यान उड़ान में ही होता है क्योंकि हर उड़ान अलग होती है। अगर पायलट को लगता है कि यह उनके बूते के बाहर है तो उन्हें पता होता है कि क्या करना है। सूर्यकिरण में सारे अनुभवी पायलट हैं और युद्ध की स्थिति में पायलट अपनी अपनी यूनिट में जा कर हिस्सा ले सकते हैं।




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