इन 13 जिलों में अब नहीं चलेंगी डीजल-पेट्रोल की 6 लाख पुरानी गाड़ियां

इन 13 जिलों में अब नहीं चलेंगी डीजल-पेट्रोल की 6 लाख पुरानी गाड़ियां

नई दिल्ली : दिल्ली की तर्ज पर अब हरियाणा के एनसीआर में शामिल जिलों में भी पेट्रोल और डीजल की पुरानी गाड़ियां नहीं चल पाएंगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने बुधवार को ऐसी छह लाख गाड़ियों की सूची जारी कर दी है जो सड़कों पर नहीं चल पाएंगी। इनमें सबसे अधिक गाड़िया गुरुग्राम की हैं।

कहने का अभिप्राय यह कि सीपीसीबी ने प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह डीजल और पेट्रोल की पुरानी गाड़ियों पर एनसीआर में लगाम लगाने की पूरी एवं पुख्ता तैयारी कर ली है। गौरतलब है कि पेट्रोल की 15 और डीजल की 10 साल पुरानी गाड़ियों को दिल्ली-एनसीआर में चलाने पर रोक है। सीपीसीबी ने हरियाणा नंबर की इन्हीं गाड़ियों की सूची जारी की है। इस सूची में गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन मार्क सीरीज, अथॉरिटी, रजिस्ट्रेशन नंबर और वह एनसीआर के किस शहर में चल रही है, आदि की पूरी जानकारी है।

गुरुग्राम के बाद सबसे अधिक गाड़िया सोनीपत और बहादुरगढ़ की हैं। सीपीसीबी के मुताबिक इस सूची में 15 साल से पुरानी पेट्रोल की 2,87,613 और 10 साल से पुरानी डीजल की 3,07,453 गाड़िया शामिल हैं। इसी साल अक्टूबर में परिवहन विभाग ने नोटिस जारी किया था कि दिल्ली-एनसीआर में 15 साल से पुरानी पेट्रोल और 10 साल से पुरानी डीजल की गाड़िया चलना सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन है। 2015 में एनजीटी ने इन गाड़ियों पर दिल्ली-एनसीआर में प्रतिबंध लगाया था।

सार्वजनिक क्षेत्र में 15 साल पुरानी गाड़ियों की पार्किंग पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध का समर्थन करने हुए ऐसी गाड़ियों को जब्त करने को कहा था। इससे पूर्व सीपीसीबी दिल्ली में 10 साल पुरानी 3,30,947 डीजल गाड़ियों की सूची भी जारी कर चुका है। इसमें बसें, कार, मोटरसाइकिल और एंबुलेंस तक शामिल हैं। इसके अलावा पेट्रोल की 36,73,147 गाड़ियों की सूची भी जारी की गई थी। सफर इंडिया के एक सर्वे के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में 40 फीसद प्रदूषण पेट्रोल और डीजल की गाड़ियों से ही हो रहा है।

6 लाख से अधिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद

हरियाणा के एनसीआर जिलों में फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेवात, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, पलवल, भिवानी (चरखी दादरी), महेंद्रगढ़, जींद, करनाल का नाम शामिल है। इन जिलों के 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों को प्रतिबंधित किया गया था। जिन वाहनों का पंजीकरण रद कर दिया गया है उनमें 2,87,613 पेट्रोल वाहन और 3,07,453 डीजल ईंधन वाले बस, कार, मोटरसाइकिल, एंबुलेंस आदि वाहन शामिल हैं।

अक्तूबर में जारी हुआ था नोटिस

अक्तूबर में हरियाणा के परिवहन विभाग ने एक नोटिस भी जारी किया था कि 10 वर्ष पुराने डीजल वाहन और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहन यदि सड़कों पर चलते हुए पाए जाएंगे तो इसे सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के आदेश का उल्लंघन माना जाएगा। संबंधित वाहन को जब्त कर उचित कार्रवाई की जाएगी।


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