सुप्रीम कोर्ट ने CBI के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को माना दोषी, पूरे दिन एक कोने में बैठने की दी सज़ा

सुप्रीम कोर्ट ने CBI के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को माना दोषी, पूरे दिन एक कोने में बैठने की दी सज़ा

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने अपनी तरह के एक पहले मामले में सीबीई के पूर्व अंतरिम प्रमुख नागेश्वर राव को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराते हुए पूरा दिन अदालत के एक कोने में बैठे रहने की सज़ा दी है। साथ ही उनपर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। नागेश्वर राव ने हालाँकि एक दिन पहले ही इस मामले में माफ़ी मांग ली थी।मगर अदालत ने इसके बावजूद उन्हें अवमानना का दोषी ठहराया।ये मामला बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह के मामले की जाँच से जुड़ा है। एम नागेश्वर राव ने सीबीआई का अंतरिम प्रमुख रहते हुए बिना न्यायालय की अनुमति लिए इस मामले की जाँच करनेवाले एक अधिकारी एके शर्मा का तबादला कर दिया था।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अवमानना का नोटिस जारी करते हुए 12 फ़रवरी को अदालत में तलब किया था। नागेश्वर राव को पिछले साल 23 अक्तूबर को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाया गया था जब तत्कालीन निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को उनके बीच जारी मतभेदों के बाद छुट्टी पर भेज दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद 8 और 9 जनवरी को आलोक वर्मा अपने पद पर दोबारा लौटे। मगर फिर सरकार ने उन्हें बर्खास्त कर दिया जिसके बाद नागेश्वर राव ने फिर से सीबाई के मुखिया का पद संभाला और फिर उन्होंने कई तबादले किए।

उसके बाद से इस महीने के आरंभ में ऋषि कुमार शुक्ला के आने तक नागेश्वर राव सीबीआई प्रमुख बने रहे। सीबीआई ने पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह मामले की जाँच करने वाले अधिकारी के तबादले का फ़ैसला नागेश्वर राव ने ही लिया था।


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