इन 7 फूड आइटम्स से बढ़ता है कैंसर का रिस्क, तुरंत करें डायट से बाहर

इन 7 फूड आइटम्स से बढ़ता है कैंसर का रिस्क, तुरंत करें डायट से बाहर

हम जो खाते हैं उसका असर न सिर्फ हमारे वजन, त्वचा और बालों पर पड़ता है बल्कि हमारी ओवरऑल हेल्थ भी खाने-पीने की आदतों से ही जुड़ी है। फास्ट फूड और पैकेज्ड फूड के इस जमाने में हम इस बात पर ध्यान ही नहीं दे रहे कि आखिर इतनी आसानी से मिलने वाले इस तरह के खाने का हमारे शरीर पर क्या असर पड़ रहा है। खान-पान की गलत आदतों की वजह से कैंसर जैसी बीमारियां भी तेजी से फैल रहीं हैं। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं उन फूड आइटम्स के बारे में जिनसे आप जितनी दूरी बनाएंगे, आपकी सेहत के लिए उतना ही अच्छा रहेगा....

क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी नाम के जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक टोटल डायट्री फैट और सैच्युरेटेड फैट जैसी चीजें ज्यादा खाने से व्यक्ति में फेफड़ों का कैंसर विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आप इस तरह की बीमारियों से बचना चाहते हैं तो फ्रेंच फ्राइज जैसी चीजें जिसमें सैच्युरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है का सेवन करना बंद कर दें।

अमेरिकन इंस्टिट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च और वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड ने मिलकर एक रिसर्च की जिसमें बताया गया कि सिर्फ 1 गिलास ऐल्कॉहॉल मिश्रित पेय पदार्थ पीने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। वाइन के उस गिलास को खुद से दूर रखने के लिए यह कारण तो काफी होगा।

यूके की फूड स्टैंडर्ड एजेंसी (FSA) के मुताबिक आपका पसंदीदा क्रिस्पी फ्राइड आलू आपकी सेहत के लिए कई तरह से नुकसानदेह है। आलू को फ्राइ करने के बाद उसमें जो कुरकुरापन आ जाता है वह खाने में भले ही आपको टेस्टी लगे लेकिन जब स्टार्च वाले खाद्य पदार्थ को उच्च तापमान पर फ्राई किया जाता है तो उसमें acrylamide बन जाता है। यह वही केमिकल है जो कैंसर के संभावित खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। लिहाजा स्टार्च वाले किसी भी फूड आइटम को फिर चाहे वह आलू हो या ब्रेड- उसे डार्क ब्राउन करने की बजाए लाइट गोल्डन ही रखना चाहिए।

चाय और कॉफी पसंद करने वाले सतर्क हो जाएं। वैसे तो चाय या कॉफी पीने से बहुत ज्यादा नुकसान नहीं होता। लेकिन अगर आपको अपनी कॉफी या चाय हद से ज्यादा गर्म पसंद है तो आप खुद को esophagal यानी गले से पेट तक जाने वाली नली के कैंसर के खतरे की ओर धकेल रहे हैं। अगर आप अपने गले को लगातार उच्च तापमान के संपर्क में ला रहे हैं तो खाने-पीने वाली नली में ट्यूमर विकसित होने का खतरा रहता है।

यह उन लोगों के लिए है जिनका खाना एक बोतल कोल्ड ड्रिंक पिए बिना नीचे ही नहीं उतरता। आपको जानकर हैरानी होगी कि आपकी फेवरिट सॉफ्ट ड्रिंक कैन में 10 चम्मच चीनी होती है। अगर आप डायट सोडा के ऑप्शन पर जा रहे हैं तब भी आर्टिफिशल स्वीटनर की वजह से कैंसर का रिस्क कई गुना बढ़ जाता है। सॉफ्ट ड्रिंक में मौजूद आर्टिफिशल स्वीटनर की वजह से सिर्फ कैंसर ही नहीं बल्कि स्ट्रोक और मोटापे का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसमें कोई शक नहीं कि प्रोसेस्ड मीट हमारी सेहत के लिए बहुत बहुत बहुत खराब है। आप शायद यह न जानते हों तो हम आपको बता दें कि सलामी और बेकन जैसे प्रोसेस्ड मीट में तो नाइट्राइट और नाइट्रेट की मात्रा भी बहुत ज्यादा होती है और इस तरह के केमिकल्स कई तरह का कैंसर उत्पन्न करने के खतरे से सीधे तौर पर जुड़े हैं।

माइक्रोवेव में 3 मिनट में तैयार होने वाले रेडीमेडी पॉपकॉर्न भी सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। दरअसल, दिक्कत पॉपकॉर्न से नहीं बल्कि उस पैकेट से है जिसमें पॉपकॉर्न का दाना रखा जाता है ताकि वे एक दूसरे से चिपके नहीं। जब आप उस पॉपकॉर्न वाले बैग को माइक्रोवेव में डालते हैं तो पैकेट में मौजूद केमिकल्स पॉपकॉर्न तक पहुंच जाते हैं जिसमें से एक परफ्लोरिनेटेड कम्पाउंड है जो कैंसर बनाने के लिए जाना जाता है।

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