थाईलैंड की राजकुमारी का अब चुनाव लड़ना हुआ कैंसिल, जानें वजह.

थाईलैंड की राजकुमारी का अब चुनाव लड़ना हुआ कैंसिल, जानें वजह.

थाइलैंड की राजकुमारी उबोलरत्ना ने प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी वापस ले ली है। ऐसा उन्होंने किंग महा वजीरालोंगकोर्न के कहने पर किया है। थाई रक्षा चार्ट पार्टी ने शनिवार को बताया कि राजकुमारी उबोलरत्ना 24 मार्च को होने वाले चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगी। पार्टी ने उबोलरत्ना (67) को शुक्रवार को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही अपने कदम को पीछे खींच लिया।

थाई किंग ने जताई थी नाराजगी

थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न के कड़े रुख के बाद थाई रक्षा चार्ट पार्टी ने एक बयान जारी कर कहा कि, हम शाही परंपरा का सम्मान करेंगे। बताया जा रहा है कि राजकुमारी उबोलरत्ना ने प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार से राजा नाराज थे और उन्होंने कहा था कि राजनीति में यह परंपरा राष्ट्रीय संस्कृति के खिलाफ है। 1932 में संवैधानिक राजतंत्र बनने के बाद से थाइलैंड के शाही परिवार ने राजनीति से दूरी बनाई हुई थी। 2014 में हुए सैन्य तख्तापलट के बाद ओचा देश के प्रधानमंत्री बने थे। उसके बाद से देश में पहली बार चुनाव होने जा रहा है। सैन्य पार्टी फालंग प्रचारत ने आगामी चुनाव के लिए ओचा को अपना आधिकारिक उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है।

इंस्टाग्राम पर राजकुमारी ने दी जानकारी

राजकुमारी उबोलरत्ना ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को वापस लेने की जानकारी दी। उबोलरत्ना ने पीएम पद का उम्मीदवार बनाने के लिए इंस्टाग्राम पर थाई रक्षा चार्ट पार्टी को धन्यवाद दिया। उन्होंने सीधे तौर पर अपने बड़े भाई और राजा वजीरालोंगकोर्न की सीधे तौर पर आलोचना तो नहीं की लेकिन इसका विरोध करने वालों को नसीहत जरुर दे दी। राजकुमारी ने राजनीतिक लोगों को चुनाव पर ध्यान केंद्रित करने की नसीहत दी और कहा कि वह चाहती हैं देश आगे बढ़े।

इस वजह से उबोलरत्ना को छोड़नी पड़ी थी शाही पदवी

बता दें कि दशकों पहले एक अमेरिकी से शादी करने के बाद उबोलरत्ना को अपनी शाही पदवी छोड़नी पड़ी थी। लेकिन तलाक के बाद वह वापस थाइलैंड आ गई थी। उन्हें अब भी शाही परिवार का हिस्सा माना जाता है। पीएम पद की उम्मीदवारी के बाद राजकुमारी ने कहा था कि मैंने शाही पदवी त्याग दी है और आम आदमी की तरह रहती हूं।

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