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बिलासपुर क्षेत्र में जलसंकट, पानी नहीं तो गांव में बहू भी नहीं आ रही

Som Dewangan 18-05-2019 20:04:04



बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में इन दिनों जबरदस्त पेयजल संकट है। बूंद-बूंद पानी के लिए बारह महीने तरसने वाले मरवाही ब्लॉक के ऐसे ही ग्राम करहनिया के आदिवासी परिवार के सामने एक अजीबो-गरीब संकट खड़ा हुआ है। गांव में पानी न होने के कारण अन्य गांवों के ग्रामीण अपनी बेटी की शादी इस गांव में नहीं कर रहे हैं। गांव में तमाम बेटों की शादी नहीं हो पा रही है। आदिवासियों के घर का आंगन बहू के बिना सूना है।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के मरवाही विधानसभा क्षेत्र के नक्शे पर यह गांव है। बमुश्किल 100 घरों हैं। पहाड़ के निचले और बीच के हिस्से में बसे आदिवासियों को एक-एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। सुबह से लेकर देर शाम तक बच्चों से लेकर बुजुर्ग को पहाड़ से नीचे उतरते तो कुछ जवान,बच्चों और बुजुर्गों को हाथ और सिर पर बर्तन लिए पहाड़ के ऊपरी सिरे पर मशक्कत करते चढ़ते देखा जा सकता है।

इनकी सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी से लेकर नहाने और भोजन पकाने के लिए पानी की जरूरत है। सरकारी मदद से परे पानी की जरूरतों को आदिवासी परिवार जैसे-तैसे पूरा तो कर ले रहे हैं पर इनके सामने सबसे बड़ी समस्या बेटों का शादी न होना है। गांव के बुजुर्ग रामप्रसाद ने बताया कि यह समस्या पहले नहीं थी।

पानी की दिक्कत तो पहले से भी थी। पर लोग इसके बाद भी रिश्ता करने के लिए तैयार हो जाते थे। अब जबकि आदिवासी परिवार की बेटियां पढ़ने लिखने लगी हैं और ससुराल में सुविधा खोजने लगी हैं तब से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिसाहीन बाई का कहना है उसके पोता की उम्र शादी लायक हो गई है। पानी की समस्या के कारण रिश्ता तय नहीं हो पा रहा है। 

तीन बार सर्वे पर नहीं मिला पानी

करहनिया की भौगोलिक स्थिति पर नजर डालें तो यह तीन हिस्सों में बंटा हुआ है। मुड़ाटोला, मांझेटोला व खालेटोला। तीनों टोलों में बमुश्किल 100 आदिवासी परिवार रहते हैं । पहाड़ी पर बसे इस गांव की भौगोलिक स्थित ऐसी है कि पानी का स्रोत ही नहीं मिल पा रहा है। भूजल विद के अलावा पीएचई के अधिकारी बीते तीन वर्ष के दौरान यहां एक दर्जन से अधिक जगहों पर सर्वे कर चुके हैं। आधा दर्जन बोरवेल पानी न मिलने के कारण फेल हो चुके हैं।

ब्लॉक मुख्यालय से पानी लाने की मशक्कत

पानी की दिक्कतों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अब ब्लॉक मुख्यालय से ओवरहेड टैंक के जरिये करहनिया में पानी आपूर्ति की योजना बनाई है। इसके लिए 10 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। पाइप लाइन बिछाने के साथ ही गांव में पानी टंकी बनाई जाएगी। इसी टंकी के जरिए लोगों को जल आपूर्ति की जाएगी । 

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