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छोटे भैया तेजस्वी ने किया धुंआधार चुनाव प्रचार, महफिल लूट ले गए बड़े भैया तेजप्रताप, जानिए

Som Dewangan 18-05-2019 18:48:17



पटना। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पूरे लोकसभा चुनाव तक बिहार की राजधानी पटना से करीब 300 किलोमीटर दूर झारखंड की राजधानी रांची के होटवार जेल में चर्चित चारा घोटाला के कई मामलों में सजा काट रहे हैं। उनकी जगह राजद की तरफ से चुनाव प्रचार की कमान लालू प्रसाद के छोटे पुत्र तेजस्वी यादव ने बखूबी संभाल ली है। तो वहीं लालू के बड़े लाल तेजप्रताप पूरे चुनाव में अपने मूडियल रवैये को लेकर चर्चा का विषय बने रहे।

चुनाव के दौरान तेजस्वी के लिए मुसीबत बने तेजप्रताप

चुनाव की शुरुआत में ही तेजप्रताप यादव ने अपना बगावती तेवर दिखाया और तेजस्वी के लिए मुश्किलें खड़ी करनी शुरू कर दीं। उन्होंने अपनी पसंद के दो उम्मीदवारों को जहानाबाद और शिवहर से टिकट देने की बात कही, जिसपर राजद की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर तेजप्रताप ने लालू-राबड़ी मोर्चा बना लिया। इसके बाद बवाल मचा रहा। 

मंच से किया एेलान-मैं ही बिहार का दूसरा लालू हूं

इतना ही नहीं जहानाबाद में अपने प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार करने पहुंचे तेजप्रताप ने भरे मंच से एेलान किया कि ”मैं लालू प्रसाद यादव का खून हूं, वो हमारे आदर्श और गुरु हैं और मैं ही बिहार का दूसरा लालू प्रसाद यादव हूं।“ उनका यह ऐलान एक तरह से अपने पिता लालू प्रसाद यादव की विरासत में दावा ठोकने जैसा है जिसे लालू की गैर मौजूदगी में पार्टी का काम देख रहे तेजस्वी पर बड़े भाई तेज प्रताप का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। 

तेजस्वी पर किया कटाक्ष

तेजप्रताप यादव ने अपने भाषण में छोटे भाई तेजस्वी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि  " मेरे पिता लालू प्रसाद बहुत ऊर्जावान व्यक्ति हैं। वह एक दिन में 10-12 कार्यक्रमों में शामिल होते थे। अब नेता सिर्फ दो से चार कार्यक्रमों में बीमार पड़ते हैं।" दरअसल, तेजस्वी ने स्वास्थ्य संबंधी बाधाओं के कारण अपनी कई निर्धारित रैलियों को रद्द कर दिया था।

ससुर चंद्रिका राय को कहा झूठा-बहुरूपिया

उसके बाद तेजप्रताप अपने ससुर और सारण से आरजेडी के उम्मीदवार चंद्रिका राय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तेज प्रताप यादव ने सारण की जनता से उन्हें वोट न देने की अपील की।

तेज प्रताप यादव ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि "सारण की महान जनता से मेरी हाथ जोड़कर अपील है कि राजद प्रत्याशी को वोट न दें, यह सीट मेरे पिता आदरणीय श्री लालू प्रसाद यादव जी की रही है, इस परम्परागत सीट से कोई बाहरी व्यक्ति जो मेरे परिवार का सदस्य नहीं है, इस बहुरूपिया को अपना कीमती वोट न दें। यह सारण की महान जनता को ठगने का काम कर रहा है।

यह व्यक्ति गिरगिट की तरह रंग बदलता है, अतः आपसे पुनः पुरजोर आग्रह करता हूं कि अपना मूल्यवान वोट इस नौटंकीबाज एवं झूठे प्रत्याशी को न दें।" 

पत्नी एेश्वर्या से लेंगे तलाक, कोर्ट में है केस

दरअसल चंद्रिका राय ने कहा था कि उम्मीद पर दुनिया चलती है आशा हमेशा रहती है उम्मीद तो है कि उनकी बेटी ऐश्वर्या और तेज प्रताप यादव के संबंध सुधरेंगे। बता दें कि चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या राय के साथ शादी के मात्र एक साल के अंदर तेजप्रताप यादव ने तलाक की अर्जी कोर्ट में दी थी और ये मामला अभी कोर्ट में चल रहा है।

तेजस्वी के साथ हेलीकॉप्टर में नहीं मिली सीट, भड़के तेजप्रताप

फिर चुनाव प्रचार के लिए जा रहे तेजस्वी के साथ हेलीकॉप्टर में तेजप्रताप यादव को जगह नहीं मिली। गोपालगंज जाने के क्रम में तेजप्रताप को पटना एयरपोर्ट पर बोर्डिंग पास नहीं मिल सका, जिसके कारण वे तेजस्वी संग प्रचार को नहीं जा सके। 

तेजस्वी के साथ गोपालंगज प्रचार नहीं जा पाने के कारण तेजप्रताप काफी नाराज थे। इस संबंध में तेजप्रताप ने मीडिया को बताया कि राजद के कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि मैं अपने भाई तेजस्वी के साथ चुनाव प्रचार करूं। इसी वजह से मुझे हेलीकॉप्टर का बोर्डिंग पास नहीं दिया।  

बदला रूख-तेजस्वी को बताया, जान से भी प्यारा

फिर जब परिवार में विवाद की खबरें आने लगीं और बहन मीसा भारती से सहयोग-समर्थन नहीं मिला तो उसके बाद तेज प्रताप पहले दिन तो अपने रुख पर अड़े दिखे, किंतु दूसरे दिन अपने भाई तेजस्वी यादव के साथ बेहतर संबंधों की दुहाई देने लगे। खुद को दूसरा लालू प्रसाद बताने वाले तेज प्रताप ने बुधवार को ट्वीट करके तेजस्वी को जान से भी प्यारा भाई बताया। 

मीसा ने कहा-तेजस्वी हैं लालू के वास्तविक उत्तराधिकारी

वहीं मीसा ने जब तेजस्वी को लालू प्रसाद का वास्तविक उत्तराधिकारी करार दिया तो उसके बाद तेज प्रताप के तेवर अडियल दिखने लगे। किंतु कुछ ही घंटों में समझौतावादी रुख अपना लिया। प्रकरण के बाद तेज प्रताप ने दो ट्वीट किए। पहले ट्वीट में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता का हवाला देते हुए खुद को सूरमा बताया और कहा कि विघ्न आने से वह विचलित होने वाले नहीं हैं। कांटों में भी राह बनाना उन्हें आता है।

राहुल गांधी के मंच पर बोलने का नहीं मिला मौका, हुए नाराज

लेकिन तेजप्रताप का ये बना हुआ मूड तब फिर से बिगड़ गया जब  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के मंच से तेजप्रताप यादव को बोलने का मौका नहीं मिला उससे वे आग-बबूला हो गए और गुस्से में यहां तक कह दिया कि बिहार में इन्हीं कारणों की वजह से कांग्रेस का अस्तित्व नहीं है।

ट्वीट में लिखा-मिस यू पापा

तेजप्रताप ने कहा, "महागठबंधन को बड़ी लड़ाई लड़नी है, लेकिन जब सिपाही ही मोर्चा नहीं संभालेगा तो हम कहां से लड़ेंगे? तेजप्रताप ने कहा कि ये लोग जानते हैं कि दूसरा लालू पैदा हो रहा है, इससे परेशान हैं।" इतना ही नहीं, तेज प्रताप यादव ने ट्वीट कर लिखा कि आज मेरे पिता की अनुपस्थिति में मुझे बोलने नहीं दिया गया।

परिवार और पार्टी के लिए बन जाते हैं परेशानी का सबब

तेजप्रताप इस तरह की टेंशन क्रियेट कर एक ओर जहां अपनी पार्टी के लिए मुसीबत बन जाते हैं तो कभी अपने छोटे भाई के लिए। इस तरह पूरे लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कई बार तेजप्रताप मंच से विरोधियों पर हमले कम, अपनी ही पार्टी पर लगातार हमलावर बने रहे और विपक्ष को बोलने का मौका देते रहे जिससे परिवार के लिए भी मुसीबत बढती गई।

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