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चुनाव आयोग में जारी घमासान पर, मुख्य चुनाव आयुक्त ने दी प्रतिक्रिया

Bhojesh Sahu 18-05-2019 19:03:08



नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बार-बार क्लीन चिट दिए जाने के मामले पर चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की नाराजगी तथा आयोग की बैठकों में शामिल न होने संबंधी मीडिया रिपोर्टों को अवांछित बताते हुए चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के संदर्भ में अपने आंतरिक मामलों को लेकर मीडिया में उठा विवाद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्य चुनाव आयुक्त कार्यालय का कहना है कि जब आयोग सातवें एवं अंतिम चरण के मतदान की तैयारी में जुटा है और उसने अब तक सभी चरण शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से सम्पन्न किया है तो मीडिया के एक हिस्से में आयोग के आंतरिक कामकाज लेकर विवाद खड़ा करना अवांछित है।

आयोग का यह भी कहना है कि उसके सभी सदस्य बिल्कुल एक जैसे नहीं होते तथा अतीत में भी उनकी राय कई मामलों में अलग- अलग रही है और होनी भी चाहिए लेकिन हम आयोग के नियमों और दिशा निर्देशों के दायरे में ही फैसले लेते है। इससे पहले श्री लवासा ने श्री मोदी को बार-बार क्लीन चिट दिए जाने से नाराजगी जताते हुए कहा कि वह आयोग की बैठकों में भाग लेने से मना कर दिया।

मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार श्री लवासा का कहना है कि श्री मोदी को आदर्श चुनाव आचार संहिता के मामले में क्लीन चिट दिए जाने का फैसला लिए जाते समय उन्होंने इस पर असहमति व्यक्त की , लेकिन उनकी आपत्तियों को रिकार्ड नहीं किया गया तो आयोग की बैठकों में भाग लेने का कोई औचित्य नहीं है। गत दिनों अखबारों में यह खबर आई थी कि श्री मोदी को क्लीन चिट दिए जाने पर श्री लवासा ने आपत्ति की थी और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को इस बारे में पत्र भी लिखा था।

गौरतलब है कि श्री मोदी को आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के छह मामलों ने क्लीन चिट दी गई है जबकि कई अन्य मामले लंबित है। कांग्रेस का कहना है कि श्री मोदी के खिलाफ 11 मामलों में शिकायत दर्ज कराई गई है। आयोग ने श्री मोदी को किसी मामले में न तो नोटिस जारी किया न उन शिकायतों को अपनी वेबसाइट पर डाला। इसके अलावा क्लीन चिट के बारे में कोई आदेश भी जारी नहीं किया और न ही उसे वेबसाइट पर अपलोड किया ,जबकि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों से जुड़े अन्य सारे आदेश अपलोड किए गए हैं।

मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार श्री लवासा का पत्र मिलने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने उनसे मुलाकात की थी लेकिन श्री लवासा अब तक असंतुष्ट बताए जाते है और इसलिए उन्होंने आयोग की बैठक में शामिल न होने का मन बनाया है।

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