भाजपा में ताश के पत्तों की तरह अदला-बदली होगी उम्मीदवाराें की

भाजपा में ताश के पत्तों की तरह अदला-बदली होगी उम्मीदवाराें की






संदीप ठाकुर

नई दिल्ली। बाहर से चाहे जाे दिखे लेकिन अंदर से भाजपा में भी लाेकसभा चुनाव में जीत हार काे लेकर डर समाया हुआ है। शायद यही वजह है कि पार्टी टिकटों के बंटवारे में भारी उलटफेर करने जा रही है। किसे टिकट दें किसे

नहीं,काैन जीतेगा काैन नहीं काे लेकर भारी मंथन चल रहा है। इसलिए पार्टी मौजूदा सांसदों की जगह किसी को भी आजमाने के लिए तैयार है बशर्ते वह जीतने का दम रखता हाे। कहीं नेताओं की सीटों में फेरबदल की योजना बन रही
है। कहीं ऐंटी-इन्कम्बैंसी से निपटने के लिए उम्मीदवार बदले जा रहे हैं तो कहीं जातीय समीकरण साधने की तैयारी है। जानकार सूत्राें के मुताबिक राजनाथ सिंह की सीट बदली जा सकती है। ग्रामीण
इलाकों में पार्टी के प्रति नाराजगी को थामने के लिए राजनाथ सिंह को लखनऊ की बजाय नोएडा से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। इस सीट पर 12 लाख ग्रामीण वोटर हैं, जबकि 7 लाख शहरी मतदाता हैं।

ग्रामीण अंचल में राजपूत समाज की अच्छी खासी संख्या

होने के चलते राजनाथ को उतारकर बीजेपी डैमेज कंट्रोल करना चाहती है। गौतमबुद्ध नगर से मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा को अलवर सीट से लड़ने के लिए भेजा जा सकता है। महेश शर्मा
मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। शर्मा से क्षेत्र में लोग बहुत खुश नहीं बताए जाते हैं। उत्तर प्रदेश की पीलीभीत सीट से भाजपा की सांसद मेनका गांधी इस बार हरियाणा की करनाल सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। गांधी परिवार की बहू मेनका
सिख परिवार से आती हैं। बताया जा रहा है कि करनाल सीट के मौजूदा सांसद अश्विनी चोपड़ा की सेहत के आधार पर टिकट कट सकती है।

मेनका गांधी पीलीभीत सीट छोड़ती हैं तो सुल्तानपुर के सांसद और उनके बेटे वरुण गांधी इस सीट

से लड़ सकते हैं। वैसे वरूण काे इस बार टिकट मिलेगा या नहीं इसकी काेई गारंटी नहीं है। यूपी की गाजियाबाद सीट के सांसद रिटायर जनरल वीके सिंह की सीट भी बदलने की खबर है। बताया जा रहा है कि वे हरियाणा की हिसार सीट
से चुनाव लड़ सकते हैं। उन्नाव सीट से बीजेपी के सांसद और बड़बोले नेता कहे जाने वाले साक्षी महाराज के टिकट को लेकर पार्टी ने अभी कुछ नहीं कहा
है, लेकिन अंदरखाने इस बात की चर्चा है कि उनका टिकट काटा जा सकता है। दिल्ली के कई सांसदों की टिकट कट या सीट बदल सकती है। पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी को दिल्ली से गुजरात भेजा जा सकता है।

उनके जूनागढ़ सीट

से चुनाव लड़ने की चर्चा हो रही है। ध्यान रहे वे श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े हैं। उनकी पूर्वी दिल्ली सीट खाली होती है तो वहां से डॉक्टर हर्षवर्धन चुनाव लड़ सकते हैं, जो अभी चांदनी चौक
से सांसद हैं। उनकी जगह चांदनी चौक से सुधांशु मित्तल चुनाव लड़ने की चर्चा है। इनके अलावा मीनाक्षी लेखी,मनाेज तिवारी,उदित राज काे लेकर भी पार्टी उघेड़बुन में है। मनाेज तिवारी काे पूर्वाचल में कहीं से
प्रत्याशी बनाया जा सकता है जबकि सूत्र बताते हैं कि मीनाक्षी लेखी व उदित राज से क्षेत्र की जनता खुश नहीं है।

लेखी के एंटी-इन्कम्बैंसी से निपटने के लिए बीजेपी क्रिकेट सितारे गौतम गंभीर को उतार सकती है।

छत्तीसगढ़ में भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को उनकी पुरानी राजनांदगांव सीट से चुनाव लड़ा सकती है। अभी उस सीट से उनके बेटे अभिषेक सिंह सांसद हैं। बिहार में पार्टी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह के नवादा
की बजाय बेगूसराय सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा है। वजह यह है कि यह सीट जेडीयू के कोटे में सकती है।

पटना साहिब सीट से शत्रुघ्न सिन्हा की जगह पार्टी कोई दूसरा हाईप्रोफाइल नेता उतार सकती है। पीएम नरेंद्र मोदी के

वाराणसी के अलावा पुरी लोकसभा सीट से लड़ने की चर्चाएं हैं। पिछली बार वह वडोदरा और वाराणसी से उतरे थे, इसके बाद उन्होंने वडोदरा सीट को छोड़ दिया था। मथुरा से सांसद हेमा मालिनी की भी सीट बदलने के कयास लगाए जा
रहे हैं। कहा जा रहा है कि उन्हें फतेहपुर सीकरी सीट से उतारा जा सकता है। सीकरी से सांसद बाबूलाल चौधरी के कामकाज से पार्टी नाखुश बताई जा रही है। पता चला है कि कुल मिला कर 100 से अधिक नए चेहराें काे भाजपा चुनाव लड़वा सकती है।

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