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केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवाजाही शुरू, 400 यात्री हुए रवाना

Som Dewangan 12-07-2019 18:19:27



देहरादून। केदारनाथ पैदल मार्ग पर सुबह यात्रा रोकने के बाद पैदल मार्ग पर आवाजाही शुरू हो गई है। केदारनाथ धाम के लिए लगभग 400 यात्री रवाना हुए हैं। पुलिस चौकी केदारनाथ ने बताया कि केदारनाथ धाम दर्शन कर लगभग 650 यात्री गौरीकुंड को गए हैं। बता दें कि बीते रोज लिनचोली के पास  मलबा आने से प्रशासन ने यात्रियों को गौरीकुंड व सोनप्रयाग में रोका गया था। वहीं, केदारनाथ मंदिर से वापस आ रहे यात्रियों को पुलिस लिनचोली में सावधानिक पूर्वक निकाल रही थी। दूसरी ओर, हरिद्वार में मूसलाधार बारिश के चलते रानीपुर क्षेत्र एवं भगत सिंह स्थित रेलवे पुलिया के नीचे जलभराव हो गया। देहरादून समेत अन्‍य जिले रिमझिम फुहारों से मौसम सुहावना हो गया है। 

देहरादून में झमाझम बरसे मेघ

देहरादून व आसपास के इलाकों में बीते रोज दोपहर में आसमान में मेघ गरजे भी और झमाझम बरसे भी। करीब घंटे भर तक हुई बारिश से दून की अधिकांश सड़कें तालाब में तब्दील हो गई। कुछ जगह लोगों के घरों व दुकानों में भी बरसात का पानी घुसा है। इतना जरूर कि बारिश के चलते लोगों को गरमी व उमस से राहत मिली है।

दून में अधिकतम व न्यूनतम तापमान क्रमश: 31.6 व 25.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शाम को भी आसमान में बादलों की आमद बनी रही। मसूरी में भी मौसम के तेवर बिगड़े हुए हैं। ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की, विकासनगर व आसपास के मैदानी इलाकों में भी बारिश की बौछार पड़ी। आने वाले एक-दो दिन भी बारिश होने के आसार बने हुए हैं।

दून की सड़कें बनी तालाब

दून भी गुरुवार को घंटेभर तक तेज बारिश हुई। बारिश के कारण अधिकांश सड़कें तालाब बन गई। सर्वे चौक, आर्यनगर, दिलाराम चौक, घंटाघर, दर्शनलाल चौक, लैंसडौन चौक, सुभाष रोड, नेहरु कॉलोनी, हरिद्वार रोड, भगत सिंह कॉलोनी, डालनवाला, प्रिंस चौक, रेलवे स्टेशन, आढ़त बाजार, पटेलनगर, आइएसबीटी, क्लेमेनटाउन, सुभाषनगर, ओगलभट्टा, कारगी, देहराखास आदि जगह जलभराव होने से लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। कुछ जगह लोगों के घरों व दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। रिस्पना व बिंदाल में का भी जल स्तर बढ़ गया है।

नाले में गिरी युवती

दून अस्पताल चौक पर एक युवती को सरकारी सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा। यहां नए ओपीडी ब्लॉक के पास नाली का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। यहां अत्याधिक जलभराव होने से युवती को नाली का अंदाज नहीं लग सका और वह इसमें गिर पड़ी। उसका मोबाइल व चप्पल भी बह गए। वहां काम कर रहे मजदूरों ने घर जाने के लिए उसे अपनी चप्पल दी।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थर गिरे, एक की मौत

मानसून के सक्रिय होने के साथ ही केदारनाथ पैदल ट्रैक पर सफर जोखिम भरा होता जा रहा है। गुरुवार को यहां पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आकर एक घोड़े और उसके संचालक की मौत हो गई, जबकि 16 तीर्थयात्री चोटिल हो गए। इनमें दो को गंभीर चोटें आई हैं। मौसम की खराबी की वजह से इन्हें हेली रेस्क्यू नहीं किया जा सका। दोनों को पालकी से गौरीकुंड लाया जा रहा है। इधर, सुरक्षा के लिहाज से यात्रियों को विभिन्न पैदल पड़ावों पर रोक दिया गया है। यहां रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। 

तीर्थयात्रियों को केदारनाथ धाम तक पहुंचने के लिए गौरीकुंड से 16 किलोमीटर का सफर पैदल तय करना होता है। पिछले महीने तक इस ट्रेक पर पहाड़ी से हिमस्खलन का खतरा बना हुआ था तो अब हर वक्त पत्थरों के गिरने की आशंका बनी रहती है। खासकर बारिश वाले दिन यहां सफर ज्यादा जोखिम भरा हो जाता है। बुधवार मध्य रात्रि से ही केदारघाटी में बारिश का क्रम चल रहा था। भीमबली और लिनचोली के बीच भूस्खलन होने पर जिला प्रशासन ने दोपहर ढाई बजे यात्रा आधा घंटे के लिए रोक दी थी। तीन बजे इसे फिर से चालू कर दिया गया। करीब चार बजे लिनचोली और भीमबली के बीच अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। यह देख तीर्थयात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। दोनों तरफ खड़े यात्री पत्थर गिरने का सिलसिला थमने का इंतजार करने लगे। तभी एक घोड़ा संचालक, उसका घोड़ा और 16 तीर्थयात्री पत्थरों की चपेट में आ गए। घोड़े और उसके संचालक ने वहीं दम तोड़ दिया। उसकी शिनाख्त प्रदीप (30)पुत्र बसंत निवासी नागनाथ, चमोली के रूप में हुई। वह मूल रूप से नेपाल का रहने वाला था। घायल यात्रियों को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और पुलिस की टीम ने लिनचोली और भीमबली में प्राथमिक उपचार दिलवाया। दो यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। कोहरे के कारण इन दोनों को हेली रेस्क्यू नहीं किया जा सका। दोनों के सिर और पैरों में चोटें आई हैं। 

रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि गुरुवार को इस घटनाक्रम के बाद केदारनाथ जा रहे और दर्शन कर धाम से लौट रहे तीर्थयात्रियों को सुरक्षा की दृष्टि से विभिन्न पड़ावों पर रोक दिया गया। शुक्रवार को मौसम साफ रहने की स्थिति में यात्रा सुचारू कर दी जाएगी।

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