SUNSTAR TV

मनोहर तो 75 ले आयेंगे, क्या आप अपनी 5 भी बचा पाएंगे सुरजेवाला जी? भाजपा ने 15 सीटें विपक्ष के लिए छोड़ी, 75 पर करेगी कब्जा : धनखड़ हरियाणा भाजपा के मुखपत्र “भाजपा की बात” की वेबसाइट लाँच, पाठकों को सहज उपलब्ध होगी पत्रिका अंबाला : हॉलीवुड के बजट से कम खर्चे पर तैयार हुआ चंद्रयान : अनिल विज Karnataka Floor Test : कुमारस्वामी ने विश्वास मत प्रस्ताव किया पेश, वोटिंग शुरू अब शराब पीकर चलाई गाड़ी तो लगेगा इतने हजार का जुर्माना UOK Results 2019: बीए पार्ट 2 का रिजल्‍ट घोषित, uok.ac.in पर करें चेक किसान विकास पत्र में निवेश अब 9 साल 5 महीने में दोगुना: वित्त मंत्रालय फ्लोर टेस्ट से पहले कुमारस्वामी ने कहा मैं पद छोड़ने को तैयार अब पानीपत में सामने आया लव जिहाद का मामला, लोग सड़काें पर उतरे तो जागी पुलिस छत्तीसगढ की पहली बायोपिक फिल्म 'मंदराजी' 26 जुलाई को होगी रिलीज़ फ्लोर टेस्ट से पहले बैंगलुरु में 48 घंटे के लिए धारा 144 लागू लगातार चौथे दिन ए.बी.वी.पी का धरना प्रदर्शन जारी, कुलपति का पुतला फूँका मांगों को लेकर गरजे कर्मचारी, लघु सचिवालय पर किया प्रदर्शन भार्गव परिवार के लिए भगवान है मुख्यमंत्री ‘मनोहरलाल’ महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया पहुंची कांग्रेस भवन, कार्यकर्ताओं और आम जनता से हुई रूबरू फसल बीमा योजना में किसानों की बढी रूचि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : जांजगीर-चांपा कलेक्टर ने हरी झण्डी दिखाकर प्रचार रथ को किया रवाना जन चौपाल : मुख्यमंत्री निवास में भेंट-मुलाकात का आयोजन 24 जुलाई को छत्तीसगढ़ संजीवनी 108/102 एम्बुलेंस कर्मचारियो ने सरकार के वादे याद दिलाने किया वादा रैली का आयोजन

कर्नाटक संकट: कड़ी सुरक्षा में स्पीकर के ऑफिस पहुंचे बागी विधायक, जल्द होगा फैसला

Som Dewangan 11-07-2019 18:45:00



बेंगलुरू। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायक विधानसभा अध्‍यक्ष के ऑफिस पहुंच गए हैं। ऐसे में जल्‍द फैसला होने की उम्‍मीद है। इस मुद्दे पर स्‍पीकर ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है। 

उधर, विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य व्हिप गणेश हुक्केरी ने वित्त विधेयक और अन्य मामलों को पारित करने के लिए कल के सत्र में भाग लेने के लिए पार्टी विधायकों को व्हिप जारी किया, अनुपस्थित रहने वाले विधायकों को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित किया जाएगा।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस-जेडीएस के 10 बागी विधायकों से कहा कि वे गुरुवार शाम छह बजे कर्नाटक विधानसभा अध्‍यक्ष से जाकर मिलें और अपना निर्णय बताएं। इस दौरान अगर वे चाहें, तो अपना इस्‍तीफा दे सकते हैं। विधानसभा स्‍पीकर से कहा है कि वह विधायकों की बात को ध्‍यान से सुनें और अगर चाहें तो तुरंत निर्णय ले सकते।

कर्नाटक के बागी कांग्रेस विधायक मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच गए हैं। मुंबई से कर्नाटक तक उन्‍हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी। विधानसभा अध्‍यक्ष जो भी निर्णय लेंगे, उससे सुप्रीम कोर्ट को शुक्रवार को अवगत कराया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने इन विधायकों को सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया है। वहीं, वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर टिप्‍पणी मांगी गई, तो उन्‍होंने कहा कि कोर्ट ने आदेश दे दिया है, निश्चित रूप से उसका पालन होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष को गुरुवार को ही फैसला लेना होगा कि वह क्‍या करना चाहते हैं। इसके लिए उनके पास शाम छह बजे तक का समय है। कोर्ट ने कर्नाटक के डीजीपी को सभी बागी विधायकों को सुरक्षा प्रदान करने का भी आदेश दिया।

इस बीच बताया जा रहा है कि कर्नाटक में सत्तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार के कई विधायकों के इस्तीफा देने के बाद उत्पन्न संकट के मद्देनज़र गुरुवार को होने वाली महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक से पहले पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने 'विधान सभा' के आसपास धारा 144 लगाने का आदेश दिया है।

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष भी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

कर्नाटक के सियासी नाटक का अगल दृश्‍य क्‍या होगा, इस समय यह बताने में शायद ही कोई सक्षम हो। विधानसभा अध्यक्ष भी अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। कर्नाटक स्पीकर ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर और वक्त की मांग की है। इस अपील में विधानसभा अध्‍यक्ष ने कहा, संवैधानिक कर्तव्य और विधानसभा नियम के मुताबिक, वह यह सत्यापित करने के लिए बाध्य हैं कि विधायकों के इस्तीफे अपनी इच्‍छा या बिना डर के हैं या नहीं! इस तरह की जांच को गुरुवार आधी रात तक पूरा नहीं किया जा सकता। इसलिए उन्‍हें कुछ समय और दिया जाए।

बागी विधायक बोले- राहुल गांधी के सम्मान के चलते हमारा समर्थन सरकार के साथ

जेडीएस और कांग्रेस के बीच की दरार एक बार फिर सामने आ गई है। कर्नाटक के बागी कांग्रेस विधायक एस.टी. सोमशेखर ने कहा कि हमारे राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी के सम्मान के चलते हमारा समर्थन इस गठबंधन की सरकार के साथ रहेगा। हालांकि, गठबंधन सरकार द्वारा किए गए वादों से हम संतुष्ट नहीं है। ऐसा भी नहीं है कि हमने यह फैसला अचानक नहीं लिया हो, हमने पहले भी सूचना दी थी, लेकिन उन्होंने परवाह नहीं की।

पिछले तीन दिन से वे हमारे मुद्दों को सुलझाने के लिए सक्रिय हुए हैं। पहले उन्होंने हमारी परवाह क्यों नहीं की? आपने बेंगलुरू डेवलपमेंट अथॉरिटी पर निगरानी के लिए एक आइएएस अधिकारी थोप दिया, क्योंकि मैं बीडीए अध्यक्ष हूं। जब आप (सरकार) इस तरह के फैसले लेते हैं, हमें यह सरकार नहीं चाहिए।

Share On Facebook

Comments

Subscribe

Receive updates and latest news direct from our team. Simply enter your email below :